राजद की सीटों के भरोसे कांग्रेस और वाम दल चढ़ना चाहते हैं सियासत की सीढ़ी, सीट बंटवारे को लेकर रस्साकशी तेज

Bihar Politics: बिहार में महागठबंधन से जुड़े सियासी जानकारों के अनुसार सीट बंटवारे को लेकर सबसे बड़ी रस्साकशी राजद और कांग्रेस के बीच है. यह दोनों दल करीब 20 -22 सीटों को लेकर उलझे हैं.

राजदेव पांडेय/ Bihar Politics: बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर बिहार के दोनों गठबंधनों के अंदर का अंतरद्वंद्व तेज हो चुका है. सियासी जानकारों का कहना है कि इस अंतरद्वंद्व में गठबंधनों के बड़े दलों को खासी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है. उदाहरण के लिए बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर रस्साकशी जोर पकड़ती जा रही है. सीट बंटवारे को लेकर कांग्रेस और राजद के बीच पेच काफी उलझे हुए हैं. दरअसल, कांग्रेस ने राजद की ताकतवार सीटों पर अपनी दावेदारी जता रखी है. दूसरी तरफ राजद की कुछ सीटों पर वाम दल की भी मांग है.

करीब 20 -22 सीटों को लेकर उलझे हैं राजद और कांग्रेस

बिहार में महागठबंधन से जुड़े सियासी जानकारों के अनुसार सीट बंटवारे को लेकर सबसे बड़ी रस्साकशी राजद और कांग्रेस के बीच है. यह दोनों दल करीब 20 -22 सीटों को लेकर उलझे हैं. हुआ यह है कि कांग्रेस ने राजद के कैडर (यादव और मुस्लिम) बहुल वाले सीटें मांग ली हैं. कांग्रेस की रणनीति है कि राजद के कैडर वोट वाली सीटों को हासिल की जाये, क्योंकि राजद का कैडर वोट आसानी से महागठबंधन प्रत्याशी के पक्ष में जा सकता है. उसकी नजर वाम दलों के प्रभुत्व वाली सीटों पर भी हैं. यह भी कैडर वाली पार्टी है. इससे भी कांग्रेस के लिए आसानी से हो सकती है.

राजद से कुछ खास सीटें चाह रहा वाम दल

हालात कुछ इस दिशा में जा रहे हैं कि सीट विभाजन का मसला दोनों पार्टियों के आलाकमान (सोनिया गांधी और लालू प्रसाद ) तक पहुंचना तय है. कांग्रेस ने अधिकतर सीटें मिथिलांचल और सीमांचल की मांगी है. इसी तरह वाम दल राजद से कुछ खास सीटें चाह रहे हैं. उसने अधिकतर सीटें मगध क्षेत्र में मांग रखी हैं. इस बारे में भी उच्चस्तरीय चर्चा हो रही है.

कांग्रेस की मजबूरी

सियासी जानकारों के अनुसार कांग्रेस के साथ मजबूरी ये है कि उनके पास अपना कोई कैडर-बेस नहीं है. वह उसे तलाशने की कोशिश में है. लिहाजा वह चुनाव जीतने की ताक में जुगत भिड़ा रही है. सियासी जानकारों के अनुसार महागठबंधन के सभी घटक दलों ने तेजस्वी यादव की अध्यक्षता में बनायी गयी समिति को सीट साझेदारी के लिए अपनी तरफ से सीटों की सूची भेज दी गयी है. अनौपचारिक तौर पर हुई बैठकों में इस बात की जानकारी सामने आयी है. मालूम हो कि वीआइपी पार्टी को सभी दल अपने-अपने खाते से सीट देंगे. इस दल को कितनी सीटें दी जानी हैं, इस बारे में अभी तक कोई खास औपचारिक जानकारी महागठबंधन की तरफ से नहीं मिल पा रही है.

विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ाया जायेगा

विधानसभा चुनाव को लेकर महागठबंधन में सीट साझेदारी का फार्मूला पिछले लोकसभा चुनाव के आधार पर तय किया जा रहा है. इसका अर्थ ये है कि पिछले लोकसभा चुनाव में जितनी सीटों पर जिस दल ने चुनाव लड़ा था, उस दल को संबंधित लोकसभा क्षेत्र के दायरे में आने वाली विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ाया जायेगा. इस फार्मूले में कुछ रियायत वाम दलों को मिल सकती है. राजद और कांग्रेस इस पर फार्मूले पर सहमत नजर आ रहे हैं. फिलहाल राजद के सहयोगी दलों का मानना है कि आसानी से महागठबंधन प्रत्याशी के पक्ष में ट्रांसफर होने वाले वोट बैंक को साधा जाये. अब देखना होगा कि अपने सहयोगियों के लिए राजद की उदारता किस सीमा तक जाती है.

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By Rajdev Pandey

Rajdev Pandey is a contributor at Prabhat Khabar.

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