बिहार के 1.04 करोड़ लोगों को मिलेगा पीएम आवास, इन लोगों का कट सकता है नाम, जानिए क्यों नहीं मिलेगा लाभ

Bihar PM Awas Yojana : बिहार में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत बड़ी प्रक्रिया शुरू हो गई है. 1 करोड़ से अधिक लोगों की सूची तैयार है, लेकिन 40% लोगों के नाम कटने की संभावना है. अपात्रता के कड़े मापदंडों और अनुमोदन प्रक्रिया को समझें.

Bihar PM Awas Yojana : बिहार में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत घर पाने वाले संभावित लाभुकों की प्रक्रिया आगे बढ़ गयी है. राज्य के 1 करोड़ 4 लाख 90 हजार 743 लाभुकों को योजना का लाभ देने के लिए आवास सॉफ्टवेयर के जरिए प्रारूप सूची तैयार की गयी है. 11 सितंबर को 'डिलीशन मॉड्यूल' का काम पूरा कर सूची जिला लॉगिन में भेज दी गयी है. जबकि 40 फीसदी लाभुकों के नाम कटने के भी आसार हैं.

30 सितंबर तक ग्रामसभा से सूची का अनुमोदन

तैयार प्रारूप सूची को अब संबंधित ग्रामसभा के सामने रखा जायेगा. अधिकतम 20 दिनों के भीतर यानी 30 सितंबर तक ग्रामसभा से सूची का अनुमोदन कर उसे प्रखंड कार्यालय को वापस भेजना अनिवार्य होगा. इसके लिए 27 सितंबर को पंचायत विकास दिवस के अवसर पर विशेष ग्रामसभा आयोजित कर सूची के अनुमोदन की तैयारी है.

समय पर ग्रामसभा नहीं हुई तो सूची स्वतः अनुमोदित

निर्धारित समय-सीमा में यदि किसी पंचायत में ग्रामसभा का आयोजन नहीं हो पाता है, तो संबंधित सूची स्वतः अनुमोदित मानी जायेगी. साथ ही समय पर ग्रामसभा नहीं कराने वाले संबंधित पंचायत सचिव के खिलाफ पंचायती राज अधिनियम के तहत कार्रवाई की जायेगी.

31 अक्टूबर तक अंतिम प्राथमिकता सूची पर मुहर

ग्रामसभा से अनुमोदित सूची के बाद अपीलीय समिति शिकायतों और आपत्तियों की जांच करेगी. इसके बाद 31 अक्टूबर तक अंतिम प्राथमिकता सूची का अनुमोदन किया जायेगा. ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव एचआर श्रीनिवास ने इस संबंध में राज्य के सभी जिलाधिकारियों और उपविकास आयुक्तों को पत्र भेजा है.

1.04 करोड़ में करीब 40 फीसदी नाम हटने की संभावना

ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार, 20 लाख 44 हजार 427 ग्रामीणों ने खुद को आवास पाने के योग्य बताते हुए स्वयं दावा किया है. वहीं 84 लाख 46 हजार 316 लाभुकों ने विभागीय सर्वेक्षणकर्ताओं के माध्यम से आवास योजना के लिए अपनी पात्रता बतायी है. अधिकारियों के अनुसार जांच और पात्रता की शर्तों के आधार पर इनमें से करीब 40 फीसदी नाम हटने की संभावना है.

पक्का मकान और दो से अधिक कमरे होने पर लाभ नहीं

अपात्र लाभुकों की पहचान के लिए कई कड़े मापदंड लागू किये गये हैं. जिन परिवारों के पास पक्की छत या पक्की दीवारों वाला मकान है अथवा दो से अधिक कमरों का मकान है, उन्हें योजना का लाभ नहीं मिलेगा. इसी तरह मोटर चालित तीन या चार पहिया वाहन और मशीनी कृषि उपकरण रखने वाले परिवार भी पात्र नहीं होंगे.

15 हजार रुपये से अधिक मासिक आय वालों को भी बाहर किया जायेगा

योजना के तहत ऐसे परिवार भी पात्र नहीं होंगे, जिनकी मासिक आय 15 हजार रुपये से अधिक है. परिवार में कोई सदस्य आयकर या व्यवसाय कर देता है तो भी लाभ नहीं मिलेगा. इसके अलावा 50 हजार रुपये या उससे अधिक की सीमा वाला किसान क्रेडिट कार्ड रखने वाले परिवार और सरकारी नौकरी वाले परिवारों को भी सूची से बाहर रखा जायेगा.

जमीन की सीमा भी तय की गयी

पात्रता की जांच में जमीन को भी आधार बनाया गया है. जिन परिवारों के पास 2.5 एकड़ से अधिक सिंचित भूमि या पांच एकड़ से अधिक असिंचित भूमि है, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की सूची में शामिल नहीं किया जायेगा.

इन परिवारों को प्राथमिकता देने की तैयारी

प्रतीक्षा सूची में कमजोर और वंचित परिवारों को प्राथमिकता दी जायेगी. इसमें दिव्यांग सदस्य वाले परिवार, महिला प्रधान परिवार जिनमें कोई वयस्क पुरुष नहीं है, आश्रयहीन परिवार, भीख मांगकर जीवनयापन करने वाले, हाथ से मैला ढोने वाले, बंधुआ मजदूर, आदिम जनजातीय समूह और गंभीर बीमारी से प्रभावित परिवार शामिल हैं.

हर जिले में बनेगी तीन सदस्यीय अपीलीय समिति

लाभुकों की शिकायतों और संभावित धांधली की रोकथाम के लिए हर जिले में तीन सदस्यीय जिला स्तरीय अपीलीय समिति गठित की जायेगी. 15 सितंबर तक समिति के गठन का लक्ष्य रखा गया है. जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली इस समिति में डीएम या उनके नामित अधिकारी अध्यक्ष होंगे, जबकि डीएम द्वारा मनोनीत पदाधिकारी और एक प्रतिष्ठित गैर सरकारी व्यक्ति सदस्य होंगे.

अंतिम सूची सार्वजनिक स्थानों पर होगी प्रदर्शित

अंतिम रूप से मंजूर प्राथमिकता सूची को सार्वजनिक किया जायेगा. इसे ग्राम पंचायत के नोटिस बोर्ड, सार्वजनिक स्थलों और पंचायत की दीवारों पर प्रदर्शित किया जायेगा. इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की आधिकारिक वेबसाइट पर भी सूची सार्वजनिक रूप से उपलब्ध करायी जायेगी.

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By साक्षी कुमारी

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