Bihar Driving License: बिहार में DL बनवाना हुआ फास्ट, टेस्ट पास करते ही 24 घंटे में मिलेगा लाइसेंस, जानें नया नियम

Bihar Driving License: बिहार में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वालों के लिए राहत की खबर है. अब डीएल टेस्ट पास करने के 24 घंटे के भीतर लाइसेंस मिलेगा, देरी होने पर संबंधित एजेंसी पर कार्रवाई तय की गई है.

Bihar Driving License: बिहार में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वालों के लिए बड़ी राहत की खबर है. अब डीएल टेस्ट पास करने वाले योग्य आवेदकों को 24 घंटे के भीतर ड्राइविंग लाइसेंस उपलब्ध कराया जाएगा. परिवहन विभाग ने इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं. नए निर्देश के तहत जारी होने वाला ड्राइविंग लाइसेंस चिप रहित लैमिनेटेड कार्ड होगा.

24 घंटे में नहीं मिला लाइसेंस तो होगी कार्रवाई

परिवहन एवं ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री श्रवण कुमार ने अधिकारियों को साफ चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर लाइसेंस नहीं दिया गया तो संबंधित एजेंसी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. मंत्री ने कहा कि अब तक लाइसेंस बनाने में एक सप्ताह से लेकर 10 दिन तक का समय लिया जा रहा था, जिससे आम लोगों को अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ रही थी. सरकार ने यह फैसला जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया है और इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

मंत्री ने चयनित एजेंसी को निर्देश दिया है कि सभी जिलों में ड्राइविंग लाइसेंस के साथ-साथ वाहन रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र (आरसी) की प्रिंटिंग प्रक्रिया भी तेज की जाए. साथ ही समय पर डिस्पैच सुनिश्चित किया जाए, ताकि आवेदकों को दस्तावेज मिलने में देरी न हो.

अभी क्या है स्थिति?

फिलहाल पटना समेत कई जिलों में स्थिति अलग है. डीएल टेस्ट पास करने के बाद भी आवेदकों को कार्ड मिलने में काफी समय लग रहा है. कई मामलों में एक महीने तक इंतजार करना पड़ रहा है. ड्राइविंग लाइसेंस कार्ड डाकघर के जरिए आवेदक के घर भेजा जाता है, लेकिन डीटीओ कार्यालय से डिस्पैच में देरी होने के कारण पूरी प्रक्रिया 15 दिन से एक महीने तक खिंच जाती है.

इस देरी की वजह से आवेदकों को बार-बार डीटीओ कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है. कई लोग अस्थायी रसीद के सहारे वाहन चलाने को मजबूर हैं, जिससे परेशानी और असमंजस की स्थिति बनी रहती है.

परिवहन विभाग का क्या कहना है?

परिवहन विभाग का कहना है कि नए निर्देश लागू होने के बाद यह समस्या खत्म हो जाएगी. 24 घंटे के भीतर लाइसेंस मिलने से न केवल प्रक्रिया आसान होगी, बल्कि पारदर्शिता भी बढ़ेगी और आम लोगों का समय व पैसा दोनों बचेगा.

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लेखक के बारे में

अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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