Bihar News: बिहार में जमीन के अंदर से मिला शिवलिंग, 500 साल पुराना बताया जा रहा है मंदिर

Bihar News: बिहार की राजधानी पटना में एक जमीन के अंदर से शिवलिंग के साथ मंदिर जैसी आकृति मिली है. जमीन के अंदर से मंदिरनुमा आकृति मिली है, जिसके अंदर शिवलिंग और दो पदचिह्न मिले हैं.

Bihar News: देश के अलग-अलग जगहों में मस्जिद और पुराने घरों के नीचे से मंदिरनुमा अवशेष मिलने का सिलसिला जारी है. इस बीच बिहार की राजधानी पटना के पुराने इलाके पटना सिटी में एक जमीन के अंदर से शिवलिंग के साथ मंदिर जैसी आकृति मिली है. वह जमीन किसी मठ के नाम पर यूं ही पड़ी थी. सालों से इसपर कूड़ा-कचरा भी जमा हुआ था. लेकिन, अब यह जमीन पूजा-पाठ की जगह बन गई है. इस जमीन के अंदर से मंदिरनुमा आकृति मिली है, जिसके अंदर शिवलिंग और दो पदचिह्न मिले हैं. 

लोगों ने शुरू किया पूजा पाठ

लोगों ने किसी अधिकारी के पहुंचने से पहले यहां खुद ही खुदाई की और साफ-सफाई के बाद पूजा-पाठ शुरू कर दिया. पटना में मिले यह शिवलिंग और दो पदचिह्न कितना पुराना है, इस बारे में अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है. यह पुरातन है भी या नहीं, इस बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता है.

500 साल से अधिक पुराना है मंदिर

यह मंदिर पटना के सुल्तानगंज थाना अंतर्गत बीएनआर ट्रेनिंग कॉलेज के सामने नारायण बाबू गली में स्थित एक मठ परिसर में मिली है. उस स्थल के पास ही रहने वाले महेंद्र कुमार ने बताया कि “बीएनआर के सामने नारायण बाबू गली में मठ की काफी जमीन है. कई लोगों ने मठ के जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है और इन्हीं में से एक लक्ष्मण मठ है. मठ को कब्जा करने वाले लोग इसमें कूड़ा-करकट फेंक रहे थे. आज अचानक उसमे एक छेद नजर आया. उत्सुकतावश जब वहां मौजूद लोगों ने उस छेद के अंदर ध्यान से देखा तो अंदर में चमकता हुआ कुछ दिखाई पड़ा. फिर लोगों ने उसे खोदना शुरू किया. इस दौरान जब लोग अंदर जाते गए तो अंदर प्राचीन शिवलिंग मिला. इसे देखकर लग रहा है कि खंडहरनुमा मठ के अंदर शिव जी का प्राचीन मंदिर 500 साल से अधिक पुराना है.”

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By Aniket kumar

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अपने पत्रकारिता करियर में उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनाव और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को जमीनी स्तर पर कवर किया है. प्रभात खबर के साथ बिहार विधानसभा चुनाव कवरेज के दौरान उन्होंने करीब 50 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया, जहां मतदाताओं से सीधे संवाद किया और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चौपाल कार्यक्रम किए. नेताओं से सीधे सवाल पूछने के साथ उन्होंने जनता के बीच जाकर कई जमीनी मुद्दों को वीडियो रिपोर्ट के जरिए सामने रखा. चुनाव के दौरान अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में समय बिताने और लोगों के बीच रहकर रिपोर्टिंग करने के अनुभव उन्हें डेस्क पर खबरों को बेहतर संदर्भ के साथ समझने और प्रस्तुत करने में मदद करते हैं.

प्रभात खबर से पहले वे राजस्थान पत्रिका और न्यूजट्रैक जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने शुरुआती शिक्षा मुजफ्फरपुर में अंग्रेजी माध्यम से प्राप्त की और इसके बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की.

बदलते मीडिया परिदृश्य और AI के दौर की पत्रकारिता को समझने में भी उनकी लगातार रुचि है. वे नए AI टूल्स और तकनीकों को सीखते हैं और उन्हें पत्रकारिता के काम में उपयोग करने के तरीकों पर लगातार प्रयोग करते रहते हैं. खाली समय में साहित्यिक किताबें पढ़ना और वीडियो बनाना उन्हें पसंद है. उनके लिए पत्रकारिता एक लगातार सीखने और बेहतर करने की प्रक्रिया है.

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