पटना के 117 स्कूलों की मान्यता हो सकती है रद्द, जानें शिक्षा विभाग क्यों ले रहा एक्शन?

Bihar News: बिहार में ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर विद्यार्थियों की सूचना नहीं देना स्कूलों को महंगा पड़ सकता है. पटना जिला में ऐसे 117 स्कूल हैं जो छात्र-छात्राओं की सूचना अभी तक नहीं दी हैं. इन स्कूलों पर कार्रवाई की जा सकती है.

Bihar News: बिहार में ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर विद्यार्थियों की सूचना नहीं देना स्कूलों को महंगा पड़ सकता है. पटना जिला में ऐसे 117 स्कूल हैं जो छात्र-छात्राओं की सूचना अभी तक नहीं दी हैं. इन स्कूलों पर कार्रवाई की जा सकती है. इन्होंने अध्ययनरत बच्चों की सूचना पोर्टल पर अपलोड करना भी शुरू नहीं की है.

इन विद्यालयों को जल्द से जल्द वर्गवार आधार संख्या के साथ बच्चों की सूचना ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर अपलोड करना होगा, नहीं तो इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. मालूम हो कि स्कूलों में दोहरे नामांकन और फर्जीवाड़ा रोकने के लिए निजी स्कूलों को भी ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर विद्यालय में नामांकित छात्र-छात्राओं की सूचना देने का आदेश शिक्षा विभाग ने दिया है.

दूसरी तरफ जिन 117 निजी विद्यालयों ने आधार संख्या सहित कुल अध्ययनरत बच्चों की सूचना पोर्टल पर अपलोड नहीं की है उनमें सर्वाधिक पटना सदर प्रखंड के विद्यालय शामिल हैं. मिली जानकारी के अनुसार पटना सदर प्रखंड के ऐसे 77 विद्यालय हैं जिन्होंने जानकारी अपलोड नहीं की है.

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पटना सदर प्रखण्ड से 77 विद्यालय

अथमलगोला- 2, बख्तियारपुर- 1, बाढ़- 1, बिहटा- 4, बिक्रम- 2, दानापुर- 3, धनरुआ- 1, दुल्हिन बाजार- 1, मनेर- 2, मसौढ़ी- 3, मोकामा- 2, नौबतपुर- 5, पालीगंज- 3, पंडारक- 1, पटना सदर- 77, पुनपुन- 1, फुलवाशरीफ- 5, संपतचक- 3 शामिल हैं.

विद्यालयों की रद्द की जाएगी मान्यता

डीईओ कार्यालय की ओर से जारी निर्देशानुसार ऐसा नहीं करने वाले स्कूलों की मान्यता रद्द कर दी जाएगी. जिन विद्यालयों को सीबीएसई या आईसीएसई से मान्यता मिली है. उन संबंधित बोर्ड को भी उन विद्यालयों की संबद्धता रद्द करने के लिए अनुशंसा की जाएगी. इसके साथ ही बिहार राज्य बच्चों की मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा नियमावली के अंतर्गत निजी विद्यालयों को दी गई मान्यता भी रद्द की जा सकती है.

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By Abhinandan Pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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