UGC Bill 2026: UGC बिल 2026 पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बड़ा फैसला लिया. कोर्ट ने इस बिल के अमल पर रोक लगा दी है. केंद्र सरकार से 19 मार्च तक जवाब मांगा गया है. चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने साफ कहा कि इस बिल के गलत इस्तेमाल की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. इस बिल को लेकर देशभर में विरोध-प्रदर्शन जारी है.
बिहार की राजधानी पटना में भी UGC बिल के खिलाफ प्रदर्शन देखने को मिला. राजपूत करणी सेना के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे हैं. हाथों में “काला कानून वापस लो” लिखे पोस्टर हैं. सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी हो रही है.
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने क्या कहा?
प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि “इस तरह के बिल से सरकार सवर्णों को बेड़ियों में नहीं जकड़ सकती.” लोगों ने सवाल उठाया कि अगर ऐसे कानून लागू होंगे तो फिर कॉलेज अलग किए जाएं. डॉक्टर भी अलग किए जाएं. उनलोगों ने कहा कि यह मान लेना गलत है कि ऊंची जाति में हैं तो बहुत शक्तिशाली हैं.
क्या बोले केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह?
प्रदर्शनकारियों की मांग साफ है. या तो सरकार इस बिल में संशोधन करे. या फिर इसे पूरी तरह वापस ले. इस बीच, UGC बिल पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का आभार जताया. कहा कि कोर्ट ने समय रहते दखल दिया है.
UGC बिल पर ललन सिंह ने साध ली चुप्पी
वहीं, दिल्ली से पटना पहुंचे केंद्रीय मंत्री ललन सिंह से जब इस बिल को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने चुप्पी साध ली. पटना एयरपोर्ट पर मीडिया ने उनसे लगातार सवाल पूछे. पत्रकारों ने कहा, “आप सवर्णों के बड़े नेता माने जाते हैं. UGC बिल पर आपका क्या रुख है?” इस सवाल पर ललन सिंह बिना कोई जवाब दिए आगे बढ़ते रहे. उन्होंने एक भी सवाल का जवाब नहीं दिया.
UGC बिल को लेकर फिलहाल सियासत गरमाई हुई है. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है. देशभर में हो रहे प्रदर्शन से सरकार पर दबाव बढ़ता दिख रहा है. अब सबकी नजर 19 मार्च पर टिकी है. उसी दिन तय होगा कि इस बिल की आगे की दिशा क्या होगी.
