बिहार में फर्जी IPS के बाद अब नकली दरोगा गिरफ्तार, नौकरी का देता था लोभ, लोगों से ऐसे करता था उगाही...

Bihar News: बिहार में फर्जी आईपीएस के बाद अब फर्जी दरोगा की गिरफ़्तारी हुई है. दरभंगा निवासी विपिन पासवान राजधानी पटना के रामकृष्ण नगर थाना क्षेत्र में लगभग छह महीने से फर्जी दरोगा बनकर लोगों को धमकाकर अवैध वसूली किया करता था.

Bihar News: बिहार में फर्जी आईपीएस के बाद अब फर्जी दरोगा की गिरफ़्तारी हुई है. दरभंगा निवासी विपिन पासवान राजधानी पटना के रामकृष्ण नगर थाना क्षेत्र में लगभग छह महीने से फर्जी दरोगा बनकर लोगों को धमकाकर अवैध वसूली किया करता था. रविवार को स्थानीय लोगों ने उसे रंगे हाथ पकड़ा और पुलिस को सूचना दी.

पुलिस मौके पर पहुंच विपिन को भीड़ से बचाया और उसे गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार फर्जी दरोगा के पास से एक रॉयल इनफील्ड बाइक बरामद हुई जिस पर पुलिस का स्टीकर लगाया था. पूछताछ में विपिन ने बताया कि वह बिहार पुलिस की भर्ती परीक्षा में कई बार फेल हो गया. इसीलिए उसने फर्जी दरोगा बनने का नाटक किया. उसने अपनी वर्दी जक्कनपुर इलाके के एक दर्जी से सिलवाई थी.

पिछले छह महीने से कर रहा था अवैध वसूली

मिली जानकारी के अनुसार, विपिन पासवान फर्जी दरोगा बनकर पिछले छह महीने से लोगों से अवैध वसूली कर रहा था. स्थानीय लोगों ने बताया कि विपिन पुलिस की वर्दी पहनकर लोगों को धमकाता था और उनसे पैसे भी ऐंठता था. लोगों ने जब उसकी असलियत जानी तो उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया. स्थानीय लोग उसे पकड़कर पीटे भी हैं.

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नौकरी दिलाने का देता था लालच

आरोपी ADG ऑफिस में खुद की ड्यूटी बताकर पूरे इलाके में अपना धौंस जमाया था. पुलिस की वर्दी पहन, कंधे पर डबल स्टार लगा खुलेआम वसूली किया करता था. इस फर्जी दरोगा से वहां के दुकानदार और भोलेभाले लोग काफी परेशान थे. डरा धमका कर पैसे लेना, फर्जीवाड़ा करना इसका प्रमुख काम था. इतना ही नहीं वह लोगों को नौकरी दिलाने का भी लालच देता था. यह सब थाना से महज कुछ ही दूरी पर हो रहा था. लेकिन रामकृष्णा नगर की पुलिस को भनक तक नहीं थी.

पुलिस के सामने स्वीकारा जुर्म

राम कृष्णा नगर थाना प्रभारी अवध किशोर सिंह का कहना है कि विपिन ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है. उसने बताया कि अपनी वर्दी जक्कनपुर इलाके के एक दर्जी से सिलवाई थी. यह मामला बिहार में फर्जी पुलिसकर्मियों के बढ़ते मामलों को दिखा रहा है. पिछले महीने ही जमुई जिले से एक नकली IPS का मामला सामने आया था, जिसने 3 लाख रुपये में पुलिस की वर्दी खरीदी थी.

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