Bihar News: बिहार के 358 प्रखंडों में खुलेगा डिग्री कॉलेज, भूमि चिह्नित करने का निर्देश जारी

Bihar News: बिहार सरकार ने राज्य के 358 डिग्री कॉलेज विहीन प्रखंडों में नए कॉलेज खोलने की योजना पर तेजी से काम शुरू कर दिया है. भूमि चयन की प्रक्रिया जिलाधिकारियों के माध्यम से चल रही है. शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने समीक्षा बैठक में योजना की प्रगति की जांच की और रिपोर्ट तलब की है. पढे़ं पूरी खबर…

Bihar News: बिहार सरकार ने प्रदेश के उन 358 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोलने की प्रक्रिया तेज कर दी है, जहां अभी तक कोई भी उच्च शिक्षा संस्थान मौजूद नहीं है. यह कदम राज्य में शिक्षा के स्तर को सुधारने और युवाओं को स्थानीय स्तर पर उच्च शिक्षा के अवसर देने के उद्देश्य से उठाया गया है. इस योजना की घोषणा बिहार विधानमंडल के बजट सत्र के दौरान की गई थी, जिसके बाद शिक्षा विभाग ने इस दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी है.

भूमि चिह्नित करने का निर्देश

शिक्षा विभाग ने संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को डिग्री कॉलेजों के निर्माण हेतु उपयुक्त भूमि चिह्नित करने का निर्देश दिया है. जिलाधिकारियों से कहा गया है कि वे इस कार्य में प्राथमिकता के साथ तत्परता दिखाएं और जल्द से जल्द भूमि चयन से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट शिक्षा विभाग को उपलब्ध कराएं. इससे स्पष्ट है कि राज्य सरकार इस योजना को लेकर गंभीर है और इसका क्रियान्वयन तेजी से चाहती है.

समीक्षा बैठक में हुई प्रगति की जांच

उच्च शिक्षा निदेशालय के एक अधिकारी ने जानकारी दी कि हाल ही में शिक्षा मंत्री सुनील कुमार की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें डिग्री कॉलेज विहीन प्रखंडों में कॉलेज स्थापना की प्रगति का आकलन किया गया. बैठक में यह देखा गया कि कितने प्रखंडों में भूमि का चयन हो चुका है और कितने प्रखंडों में प्रक्रिया अभी चल रही है. सरकार इस दिशा में समयबद्ध तरीके से कार्य कर रही है ताकि भविष्य में बिहार का हर युवा अपने प्रखंड में ही उच्च शिक्षा प्राप्त कर सके.

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By Aniket kumar

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अपने पत्रकारिता करियर में उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनाव और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को जमीनी स्तर पर कवर किया है. प्रभात खबर के साथ बिहार विधानसभा चुनाव कवरेज के दौरान उन्होंने करीब 50 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया, जहां मतदाताओं से सीधे संवाद किया और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चौपाल कार्यक्रम किए. नेताओं से सीधे सवाल पूछने के साथ उन्होंने जनता के बीच जाकर कई जमीनी मुद्दों को वीडियो रिपोर्ट के जरिए सामने रखा. चुनाव के दौरान अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में समय बिताने और लोगों के बीच रहकर रिपोर्टिंग करने के अनुभव उन्हें डेस्क पर खबरों को बेहतर संदर्भ के साथ समझने और प्रस्तुत करने में मदद करते हैं.

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