PM Awas Yojana: बिहार के गांवों में रहने वाले गरीब और बेघर परिवारों के लिए पीएम आवास योजना किसी वरदान से कम नहीं साबित हो रही है. पिछले दस साल में राज्य के 40 लाख से ज्यादा गरीब परिवारों का पक्का घर का सपना पूरा हुआ है. वहीं राज्य सरकार ने 12 लाख परिवारों को घर देने का लक्ष्य निर्धारित किया है.
कितने परिवारों को मिला पक्का मकान?
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2016-17 से 2021-22 के बीच सबसे ज्यादा 36 लाख 61 हजार गरीब परिवारों को पक्के मकान मिले. वहीं 2021-22 से 2025-26 के बीच 2 लाख 88 हजार 743 परिवारों को घर दिया गया. कुल मिलाकर 2016-17 से अब तक 39 लाख 49 हजार 743 परिवार पक्का मकान बनाकर उसमें रह रहे हैं. इन मकानों के निर्माण पर सरकार ने करीब 53 हजार 952 करोड़ रुपये खर्च किए हैं.
12 लाख से ज्यादा लोगों ने किया आवेदन
पीएम आवास योजना-ग्रामीण के पहले चरण में 2016-17 से 2021-22 के बीच 37 लाख से ज्यादा लोगों को घर बनाने की मंजूरी मिली थी. इनमें से करीब 36 लाख 61 हजार परिवारों ने अपना घर पूरा कर लिया. दूसरे चरण में 2024-25 से 2025-26 के बीच 12 लाख से ज्यादा लोगों ने आवेदन किया, जिसमें 12 लाख 8 हजार से अधिक लोगों को घर बनाने की स्वीकृति दी गई. इस चरण में अब तक करीब 2 लाख 88 हजार परिवारों का घर बन चुका है.
ग्रामीण इलाकों में कितना मिलता है पीएम आवास का पैसा?
ग्रामीण इलाकों में घर बनाने के लिए सरकार 1 लाख 20 हजार रुपये की मदद देती है. यह पैसा तीन किस्तों में दिया जाता है. इसके साथ ही मनरेगा से 90 दिन की मजदूरी के रूप में करीब 22 हजार 950 रुपये और शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार रुपये भी मिलते हैं. इस तरह एक लाभुक को कुल करीब 1 लाख 54 हजार 950 रुपये की सहायता मिलती है.
ग्रामीण विकास मंत्री का क्या है कहना?
ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार का कहना है कि पीएम आवास योजना से गरीबों की जिंदगी तेजी से बदल रही है. लोगों को पक्का मकान मिलने से उनका जीवन सुरक्षित हुआ है. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने आने वाले समय में बचे हुए करीब 12 लाख बेघर परिवारों को भी पक्का घर देने का लक्ष्य तय किया है. इसके लिए गांवों में बेघर परिवारों का सर्वे भी कराया जा रहा है.
-अजीत कुमार की रिपोर्ट
