Bihar New Advocate General: बिहार को नया महाधिवक्ता (एडवोकेट जनरल) मिल गया है. राज्य सरकार ने वरीय अधिवक्ता सत्यदर्शी संजय को बिहार का नया महाधिवक्ता नियुक्त किया है. सत्यदर्शी संजय ने गुरुवार 18 जून को दोपहर 3 बजे बिहार के महाधिवक्ता पद का कार्यभार संभाल लिया. इसके साथ ही वह राज्य सरकार के 23वें सबसे बड़े विधिक सलाहकार बन गए हैं.
कैसा रहा है सफर
एसडी संजय देश के जाने-माने वरिष्ठ अधिवक्ताओं में गिने जाते हैं. वर्तमान में वह सुप्रीम कोर्ट में भारत सरकार के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल के पद पर कार्यरत हैं. इससे पहले वह पटना हाई कोर्ट में भी भारत सरकार के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल रह चुके हैं.
कानूनी क्षेत्र में उनके पास लंबा अनुभव है. उन्होंने पटना हाई कोर्ट समेत देश की कई अदालतों में महत्वपूर्ण मामलों की पैरवी की है. सरकार की ओर से कई बड़े मामलों में उन्होंने मजबूती से पक्ष रखा है. इसके अलावा कई प्रमुख व्यक्तियों और कंपनियों की ओर से भी अदालत में पैरवी कर चुके हैं.
बिहार सरकार को क्या उम्मीद
बिहार सरकार को उम्मीद है कि उनके अनुभव का लाभ राज्य को मिलेगा. कानूनी मामलों में उनकी विशेषज्ञता और लंबे अनुभव को देखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है. सत्यदर्शी संजय की नियुक्ति को बिहार के कानूनी और प्रशासनिक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है.
पहले पीके शाही संभाल रहे थे कमान
सत्यदर्शी संजय से पहले बिहार के महाधिवक्ता प्रशांत कुमार शाही थे. उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का करीबी और भरोसेमंद सहयोगी माना जाता रहा है. पीके शाही जनवरी 2023 में ललित किशोर के पद छोड़ने के बाद बिहार के 22वें महाधिवक्ता बने थे. इससे पहले भी वे 2005 से 2010 तक इस पद पर रह चुके हैं. उनके काम से प्रभावित होकर नीतीश कुमार ने उन्हें शिक्षा मंत्री बनाया था और बाद में विधान परिषद का सदस्य भी नामित किया था.
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सम्राट चौधरी के सीएम बनने के बाद छोड़ा था पद
प्रशांत कुमार शाही ने महाधिवक्ता के रूप में उच्च अदालतों में बिहार सरकार का पक्ष मजबूती से रखा. राज्य में सत्ता परिवर्तन और सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने पद छोड़ दिया. सरकार बदलने पर महाधिवक्ता का इस्तीफा सामान्य प्रक्रिया मानी जाती है, फिर भी इस फैसले की राजनीतिक हलकों में चर्चा हो रही है.
71 वर्षीय पीके शाही ने 1979 में बीएचयू से कानून की पढ़ाई पूरी की थी और पटना हाईकोर्ट से अपने कानूनी करियर की शुरुआत की थी.
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