बिहार में कब पहुंचेगा मानसून? मौसम विभाग ने दी जानकारी, अब खत्म होगा भीषण गर्मी और लू का दौर

Monsoon In Bihar: बिहार में लोगों को जल्द ही भीषण गर्मी और लू से राहत मिलने वाली है. मौसम विभाग ने संभावना जताई है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून 15 जून से पहले राज्य में प्रवेश कर सकता है. हालांकि मानसून आने तक और उसके बाद भी मेघ गर्जन, वज्रपात और बारिश का दौर जारी रहने की चेतावनी दी गई है.

Monsoon In Bihar: (प्रह्लाद कुमार) बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून के 15 जून से पहले पहुंचने की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग के अनुसार इस बार मानसून समय से बिहार में प्रवेश कर सकता है. हालांकि भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुमान के मुताबिक देशभर में सामान्य से कम बारिश होने का असर बिहार में भी देखने को मिल सकता है.

मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के अनुसार पिछले कुछ दिनों से राज्य के कई जिलों में बन रही लू और हीटवेव की स्थिति अब समाप्त हो जाएगी. मानसून आने तक बिहार के लोगों को भीषण गर्मी और लू से काफी राहत मिलने की संभावना है.

दक्षिण बिहार में उमस बढ़ेगी, लेकिन लू नहीं चलेगी

मौसम विभाग ने बताया कि केरल में मानसून पहुंचने के बाद और बिहार में इसके प्रवेश करने तक दक्षिण बिहार के कुछ इलाकों में उमस भरी गर्मी बनी रह सकती है. खासकर कैमूर जैसे जिलों में दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. हालांकि विभाग ने स्पष्ट किया है कि तापमान बढ़ने के बावजूद बिहार के किसी भी जिले में लू जैसी स्थिति नहीं बनेगी.

मानसून से पहले और बाद तक जारी रहेगा मेघ गर्जन

मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के मुताबिक अभी से लेकर मानसून आने और उसके कुछ दिनों बाद तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मेघ गर्जन, वज्रपात और हल्की बारिश की स्थिति बनी रहेगी. पिछले एक सप्ताह से बिहार के कई जिलों में गरज-चमक के साथ मौसम में बदलाव देखा जा रहा है और यह सिलसिला मानसून के आगमन तक जारी रहने की संभावना है.

पिछले साल नौ दिन देर से पहुंचा था मानसून

आमतौर पर बिहार में मानसून 10 से 12 जून के बीच प्रवेश करता है. लेकिन वर्ष 2025 में मानसून नौ दिन देरी से पहुंचा था. मौसम विभाग के अनुसार किशनगंज को बिहार में मानसून का प्रवेश द्वार माना जाता है. यह जिला पश्चिम बंगाल की सीमा से सटा हुआ है. पिछले वर्ष मानसून पश्चिम बंगाल के ऊपरी हिस्सों में करीब 11 दिनों तक ठहरा रहा था, जिसके कारण बिहार में मानसून की एंट्री देर से हुई थी. आंकड़ों के मुताबिक बिहार में सबसे जल्दी मानसून वर्ष 2006 में छह जून को पहुंचा था.

मौसम विभाग की लोगों से अपील

मौसम विज्ञान केंद्र ने लोगों से अपील की है कि मानसून आने तक और उसके बाद भी मेघ गर्जन व वज्रपात को लेकर सतर्क रहें. विभाग ने कहा है कि खराब मौसम के दौरान लोग खेतों और खुले स्थानों में जाने से बचें. अलर्ट जारी होने पर सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें. मौसम विभाग की ओर से सोशल मीडिया और एसएमएस के माध्यम से भी लोगों को लगातार अलर्ट भेजे जाएंगे.

क्या बोले मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक

मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के निदेशक सी.एन. प्रभु ने कहा कि बिहार में मानसून समय पर पहुंचने की पूरी संभावना है. उन्होंने कहा कि अब राज्य में लू की स्थिति नहीं बनेगी. हालांकि बीच-बीच में उमस बढ़ सकती है. उन्होंने बताया कि मानसून आने तक राज्य में मेघ गर्जन, वज्रपात और बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी. ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है.

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Published by: Abhinandan pandey

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