Nitish Government: बिहार सरकार ने जिलों के लिए प्रभारी मंत्रियों की नई सूची जारी कर दी है. सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से इसकी अधिसूचना जारी की गई है. इस सूची के तहत राज्य के कुल 25 मंत्रियों को अलग-अलग जिलों का प्रभारी मंत्री बनाया गया है. सरकार का कहना है कि यह फैसला प्रशासनिक कामकाज को और मजबूत करने के लिए लिया गया है.
अधिसूचना के मुताबिक यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा. अगली सूचना तक यह व्यवस्था जारी रहेगी. इसके साथ ही पहले जारी की गई प्रभारी मंत्रियों की सूची को रद्द कर दिया गया है. यानी अब जिलों में नई व्यवस्था के तहत ही निगरानी और समीक्षा होगी.
प्रभारी मंत्रियों का क्या होगा काम?
सरकार ने साफ किया है कि प्रभारी मंत्री अपने-अपने जिलों में जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के अध्यक्ष भी होंगे. वे जिले में चल रही विकास योजनाओं की समीक्षा करेंगे. योजनाओं की निगरानी करेंगे. यह भी सुनिश्चित करेंगे कि योजनाएं समय पर और सही तरीके से पूरी हों.
इसके अलावा प्रभारी मंत्री कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी नजर रखेंगे. सरकारी योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा होगी. प्रशासनिक कामकाज में आ रही समस्याओं को भी वे सीधे अधिकारियों के सामने उठाएंगे. आम लोगों से जुड़ी शिकायतों पर भी ध्यान दिया जाएगा.
सम्राट चौधरी को पटना की मिली जिम्मेदारी
नई सूची के अनुसार उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पटना जिले का प्रभारी मंत्री बनाया गया है. राजधानी पटना की जिम्मेदारी मिलने को अहम माना जा रहा है. वहीं विजय कुमार सिन्हा को मुजफ्फरपुर और भोजपुर जिले का प्रभारी मंत्री नियुक्त किया गया है.
विजय कुमार चौधरी बने नालंदा के प्रभारी मंत्री
इसके अलावा विजय कुमार चौधरी को पूर्वी चंपारण और नालंदा की जिम्मेदारी दी गई है. बिजेंद्र प्रसाद यादव को वैशाली और सारण जिले का प्रभारी मंत्री बनाया गया है. सरकार ने अन्य मंत्रियों को भी अलग-अलग जिलों का प्रभार सौंपा है.
सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था से जिलों में विकास कार्यों की रफ्तार तेज होगी. योजनाओं की मॉनिटरिंग बेहतर होगी. जिलों में अफसरों की जवाबदेही भी बढ़ेगी. प्रभारी मंत्री समय-समय पर अपने जिले का दौरा करेंगे. वे अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे. योजनाओं की स्थिति की समीक्षा करेंगे. अगर किसी योजना में देरी या लापरवाही पाई जाती है, तो उस पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे.
