Bihar Liquor Ban: NCAER की एक रिसर्च के बाद बिहार में शराबबंदी पर चर्चा तेज हो गई है. राजनीतिक नेताओं की तरफ से जमकर बयानबाजी हो रही है. इस बीच बिहार के डिप्टी सीएम बिजेंद्र यादव ने शराबबंदी कानून पर सवाल उठाने वाले रिपोर्ट पर कहा, कई कानून पर कई तरह के रिपोर्ट आते हैं लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि कानून को खत्म कर दिया जाए.
डिप्टी सीएम ने और क्या कहा?
आगे बिजेंद्र यादव ने यह भी कहा कि शराब कोई अच्छी चीज नहीं है. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने इसे गलत बताया. लोगों की इच्छा के अनुसार कानून बने यह कहीं नहीं हुआ. शराब पीने वाले ही इस कानून का विरोध करेंगे. जानकारी के मुताबिक, रिसर्च में शराबबंदी के सामाजिक उद्देश्यों का भी अध्ययन किया गया. खासतौर पर महिलाओं के खिलाफ हिंसा और घरेलू हिंसा में कमी के दावे को आंकड़ों के आधार पर परखा गया.
रिसर्च में आंकड़ों से क्या हुआ क्लियर?
रिसर्च के मुताबिक, जो आंकड़ों सामने आए हैं उससे यह स्पष्ट नहीं होता कि शराबबंदी के बाद महिलाओं के खिलाफ अपराधों में अपेक्षित कमी आई. रिपोर्ट में कुछ श्रेणियों में ऐसे अपराधों की रिपोर्टिंग बढ़ने की बात भी कही गई है. इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है. राज्य में शराबबंदी के फेल होने के बात कही जा रही है.
तेजस्वी यादव को लेकर भी दी प्रतिक्रिया
दूसरी तरफ, तेजस्वी यादव की तरफ से 19 अगस्त को किए जाने वाले विरोध मार्च को लेकर बिजेंद्र यादव ने कहा, वह विरोधी है. उनका काम ही है विरोध करना. तेजस्वी यादव को कोई ज्ञान नहीं है. वह सिर्फ मीडिया में दिखाने के लिए बयानबाजी करते हैं. इस दौरान उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र यादव ने भरत तिवारी के एनकाउंटर और उसमें चल रही जांच के बारे में भी प्रतिक्रिया दी.
तेजस्वी यादव ने कही थी ये बात
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बताया था, RJD 19 अगस्त को पटना में मार्च निकालेगा. यह मार्च वीरचंद पटेल पथ स्थित पार्टी मुख्यालय से लोकभवन तक जाएगा. तेजस्वी यादव ने यह भी कहा था कि मार्च में पार्टी के सभी सांसद, विधायक, विधान पार्षद और कार्यकर्ता शामिल होंगे. इस दौरान उन्होंने साफ कहा था कि बिहार को पुलिसिया स्टेट नहीं बनने दिया जाएगा.
