Bihar Land Survey: बिहार के 52% परिवार जमीन आवंटन के योग्य नहीं! सर्वेक्षण में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

Bihar Land Survey: बिहार में भूमि सर्वेक्षण का काम युद्ध स्तर पर जारी है. वहीं, प्रदेश सरकार की योजना अभियान बसेरा-दो में जांच के दौरान चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है. दरअसल, रिपोर्ट के अनुसार, बिहार के 52 प्रतिशत परिवार जमीन पाने के योगन नहीं हैं. पढ़ें पूरी खबर…

Bihar Land Survey: बिहार सरकार की महत्वकांक्षी योजना अभियान बसेरा-दो में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने सोमवार को एक ऑनलाइन समीक्षा बैठक की. बैठक में उन्होंने सर्वेक्षण में लापरवाही और गलत जानकारी एकत्र करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं. बैठक में इस बात का खुलासा भी हुआ कि 52 प्रतिशत सर्वेक्षित परिवार जमीन आवंटन के लिए योग्य ही नहीं हैं.

अभियान का दूसरा चरण जारी

बता दें, अभियान बसेरा-दो बिहार सरकार की एक योजना है, जिसके तहत भूमिहीन परिवारों को पांच डिसमिल तक जमीन दी जाती है ताकि वे अपना घर बना सकें. इस योजना की शुरुआत उन लोगों के लिए की गई थी, जो बेघर हैं या सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर रह रहे हैं. इस अभियान का पहला चरण पहले ही पूरा हो चुका है. वहीं, वर्तमान में दूसरा चरण चल रहा है. जय सिंह ने सोमवार को सभी जिलों के अपर समाहर्ताओं से वीसी के जरिए समीक्षा बैठक की है.

मुजफ्फरपुर के डीसीएलआर पूर्वी को रोका गया वेतन

हाल ही में, मुजफ्फरपुर में लापरवाही के आरोप में डीसीएलआर के खिलाफ सख्त एक्शन लिया गया. दरअसल, तीन महीने तक मामला पेंडिंग रखने पर जिले के डीसीएलआर पूर्वी पर जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने कड़ी कार्रवाई की. डीएम ने उनसे स्पष्टीकरण मांगा है और उनकी सैलरी पर तत्काल रोक लगाने का आदेश जारी किया. डीएम ने डीसीएलआर पूर्वी को सभी लंबित मामलों का निष्पादन कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया था. साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि जब तक अंतिम आदेश पारित नहीं होता, तब तक उनका वेतन भुगतान बंद रहेगा. 

ALSO READ: CM Nitish Gift: दो जिलों की चमकी किस्मत! करोड़ों की लागत वाले पुल निर्माण को मिली मंजूरी

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Aniket kumar

अनिकेत कुमार प्रभात खबर के साथ पिछले दो वर्षों से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वे मुजफ्फरपुर समेत उत्तर बिहार के आठ प्रमुख जिलों—मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सीतामढ़ी, समस्तीपुर, मधुबनी, शिवहर, बेतिया और मोतिहारी—की डिजिटल टीम को लीड करते हैं. पत्रकारिता में उन्हें करीब पांच वर्षों का अनुभव है.

डिजिटल पत्रकारिता के विभिन्न आयामों की समझ रखने वाले अनिकेत वर्तमान में हाइपरलोकल पत्रकारिता पर विशेष रूप से काम कर रहे हैं. हाइपरलोकल, क्राइम और राजनीति से जुड़ी खबरों में उनकी खास रुचि है. इससे पहले वे बिहार और उत्तर प्रदेश की राजनीतिक खबरों पर भी काम कर चुके हैं. खबरों के साथ-साथ वीडियो इंटरव्यू, वीडियो रिपोर्ट और सोशल मीडिया रील्स बनाने का अनुभव भी रखते हैं. YouTube और Instagram के कंटेंट एल्गोरिद्म और डिजिटल ऑडियंस की पसंद को समझते हुए वे खबरों को अलग-अलग डिजिटल फॉर्मेट में प्रस्तुत करने पर भी काम करते हैं.

अपने पत्रकारिता करियर में उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनाव और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को जमीनी स्तर पर कवर किया है. प्रभात खबर के साथ बिहार विधानसभा चुनाव कवरेज के दौरान उन्होंने करीब 50 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया, जहां मतदाताओं से सीधे संवाद किया और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चौपाल कार्यक्रम किए. नेताओं से सीधे सवाल पूछने के साथ उन्होंने जनता के बीच जाकर कई जमीनी मुद्दों को वीडियो रिपोर्ट के जरिए सामने रखा. चुनाव के दौरान अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में समय बिताने और लोगों के बीच रहकर रिपोर्टिंग करने के अनुभव उन्हें डेस्क पर खबरों को बेहतर संदर्भ के साथ समझने और प्रस्तुत करने में मदद करते हैं.

प्रभात खबर से पहले वे राजस्थान पत्रिका और न्यूजट्रैक जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने शुरुआती शिक्षा मुजफ्फरपुर में अंग्रेजी माध्यम से प्राप्त की और इसके बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की.

बदलते मीडिया परिदृश्य और AI के दौर की पत्रकारिता को समझने में भी उनकी लगातार रुचि है. वे नए AI टूल्स और तकनीकों को सीखते हैं और उन्हें पत्रकारिता के काम में उपयोग करने के तरीकों पर लगातार प्रयोग करते रहते हैं. खाली समय में साहित्यिक किताबें पढ़ना और वीडियो बनाना उन्हें पसंद है. उनके लिए पत्रकारिता एक लगातार सीखने और बेहतर करने की प्रक्रिया है.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >