Bihar Land Registry: बिहार में जमीन खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए बड़ी खबर है. मार्च के बाद जमीन खरीदना महंगा पड़ सकता है. भू-निबंधन विभाग मिनिमम वैल्यू रजिस्टर यानी एमवीआर बढ़ाने की तैयारी में है. एमवीआर बढ़ते ही रजिस्ट्री शुल्क भी बढ़ेगा. इसका सीधा असर खरीदारों की जेब पर पड़ेगा.
सरकार को मिलेगा ज्यादा राजस्व
एमवीआर बढ़ने से सरकारी राजस्व में बढ़ोतरी तय मानी जा रही है. विभागीय सूत्रों के अनुसार सहायक निबंधन महानिरीक्षक, दरभंगा मणीन्द्र नाथ झा ने पत्र जारी कर तैयारी तेज करने का निर्देश दिया है. अवर निबंधन कार्यालय समेत अन्य दफ्तरों को पुनरीक्षण प्रक्रिया जल्द पूरी करने को कहा गया है. अधिकारियों ने आदेश की पुष्टि की है.
कई साल से नहीं हुआ था पुनरीक्षण
ग्रामीण इलाकों में अंतिम बार 2013 में एमवीआर संशोधित हुआ था. शहरी और पेरिफेरल क्षेत्रों में 2016 में आखिरी बदलाव हुआ था. इस बीच बाजार दरों में भारी बढ़ोतरी हो चुकी है. जमीन की असली कीमत और सरकारी मूल्यांकन में बड़ा अंतर आ गया है.
हर साल संशोधन का प्रस्ताव
नई नियमावली के तहत हर साल एमवीआर संशोधन का प्रावधान प्रस्तावित है. निर्देश है कि 15 नवंबर 2024 से 15 नवंबर 2025 तक के निबंधित दस्तावेजों का विश्लेषण किया जाए. हर श्रेणी में पांच सबसे ऊंचे और पांच सबसे कम मूल्य वाले दस्तावेजों की सूची तैयार होगी.
सर्वे टीम जुटाएगी बाजार दर
सर्वे दल गठित किए जाएंगे. वे मौजवार बाजार दरों की जानकारी जुटाएंगे. अंचलाधिकारी, नगर पंचायत के पदाधिकारी और अन्य विभागों से समन्वय होगा. 2017 के भूमि वर्गीकरण निर्देशों को आधार बनाया जाएगा. आंकड़ों के विश्लेषण के बाद संशोधित एमवीआर का प्रस्ताव तैयार होगा. अब सवाल यह है कि आम लोग मार्च से पहले जमीन खरीदते हैं या बढ़े दाम का इंतजार करते हैं.
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