बिहार में प्रति विद्यार्थी खर्च सबसे अधिक

शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ एस सिद्धार्थ ने कहा है कि बिहार में प्रति विद्यार्थी सर्वाधिक खर्च किया जाता है.

संवाददाता,पटना शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ एस सिद्धार्थ ने कहा है कि बिहार में प्रति विद्यार्थी सर्वाधिक खर्च किया जाता है. इसके बाद भी हमारे राज्य का सकल नामांकन अनुपात (जीइआर) देश में काफी नीचे है. यह चिंता की बात है. कहा कि जीइआर बढ़ाने की दिशा में कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों को पूरी ताकत लगानी चाहिए. उन्होंने यह बातें बुधवार को अनुग्रह नारायण सिन्हा सामाजिक अध्ययन संस्थान में ऑल इंडिया सर्वे आन हायर एजुकेशन (एआइएसएचइ) 2024-2025 आयोजित एक विशेष कार्यशाला में कही. डॉ सिद्धार्थ ने कहा कि बिहार सरकार अपने बजट का सर्वाधिक 22 प्रतिशत शिक्षा पर खर्च करती है. इसमें भी उच्च शिक्षा पर सबसे ज्यादा खर्च होता है. ऐसे में जीइआर बढ़ाने की जिम्मेदारी हम सब की है.कहा कि एआइएसएचइ में डाटा आंकड़ों की इंट्री अनिवार्य रूप से की जाये. इससे नीति निर्माण में मदद मिलेगी. सिद्धार्थ ने कहा कि राज्य में स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के जरिये उच्च शिक्षा के अवसर आसान किये जा रहे हैं. बाजार की मांग के अनुसार स्किल कोर्स चलाये जा रहे हैं. उन्होंने जीइआर बढ़ाने की दिशा में कुलाधिपति से हुई चर्चा के संबंध में बताया कि वह भी चाहते हैं कि जीइआर में तेजी लायी जानी चाहिए. इस दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के सहायक निदेशक निखिल विश्वास ने बताया कि एआइएसएचइ के आंकड़े अपलोड कराने के लिए 15 जुलाई से पोर्टल खोला गया है. करीब दो माह और समय है. बताया कि बिहार से किसी भी विश्वविद्यालय ने आंकड़े अपलोड नहीं किये हैं. कुछ कॉलेजों ने आंकड़े दिये हैं. इस दौरान विभाग के परामर्शी बैद्यनाथ यादव, उच्च शिक्षा निदेशक ने इस दौरान अपने विचार रखे.

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By RAKESH RANJAN

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