सोशल साइटों पर बिहार बना सियासत का अखाड़ा

बिहार विधानसभा चुनाव की हर बड़ी कहानी इस बार सोशल साइट पर ही ज्यादा दिखी. एनडीए में सीट शेयरिंग के बाद से केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी और रालोमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा की नाराजगी भी सोशल साइट एक्स और फेसबुक पर ही सबसे पहले बयां हुईं.

कांग्रेस व राजद के बीच सीट शेयरिंग का तनाव भी फेसबुक व एक्स से ही हुआ लीक

लोजपा ने फेसबुक और एक्स पर माहौल पहले से ही गरमा रखा था

मनोज कुमार, पटना

बिहार विधानसभा चुनाव की हर बड़ी कहानी इस बार सोशल साइट पर ही ज्यादा दिखी. एनडीए में सीट शेयरिंग के बाद से केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी और रालोमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा की नाराजगी भी सोशल साइट एक्स और फेसबुक पर ही सबसे पहले बयां हुईं.

भाजपा और जदयू के उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची के बाद चिराग पासवान की पार्टी लोजपा (आर)ने भी प्रत्याशियों की सूची सोशल साइट पर ही साझा की. कांग्रेस और राजद में सीट शेयरिंग को लेकर चल रही रस्साकसी की झलक भी सोशल साइट पर ही दिखी. इससे पहले लोजपा ने फेसबुक और एक्स पर माहौल पहले से ही गरमा रखा था.

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी से शुरू हुई थी नाराजगी की कहानी

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने सीट शेयरिंग से कुछ घंटे पहले ही 12 अक्तूबर को नाराजगी सोशल साइट पर ही प्रकट की. दिल्ली से पटना निकलने के मांझी की ट्वीट में नाराजगी कूट-कूट कर भरी हुई थी. श्री मांझी की नाराजगी की झलक का सिलसिला जारी रहा. 14 अक्तूबर को उम्मीदवारों की घोषणा करते समय भी उन्होंने सीटें कम मिलने से नाराजगी सोशल साइट पर दोबारा बयां की.

उपेंद्र कुशवाहा के रूठने और मानने का गवाह रही सोशल साइट

सीट बंटवारे के बाद उपेंद्र कुशवाहा ने कुछ घंटे तक खुद को रोके रखा. इसके बाद रात के लगभग 12 बजे उनका सब्र जवाब दे गया. श्री कुशवाहा ने सीटें कम मिलने पर शुभचिंतकों, कार्यकर्ताओं से माफी मांगी. ये चैप्टर अभी बंद ही हुआ था कि उन्होंने बादलों ने फिर साजिश की…. जैसी पोस्ट सोशल साइट पर साझा कर दी. उनका यह सिलसिला लंबा चल पड़ा. 14 अक्तूबर को उन्होंने अचानक आपात बैठक करने की सूचना सोशल साइट पर शेयर कर दी. फिर अगले दिन ही दिल्ली में वार्ता के लिए बैठक स्थगित करने की सूचना भी सोशल साइट पर ही साझा की.

लोजपा सांसद अरूण भारती ने सोशल साइट से ही बनाया था दबाव

लोजपा आर ने विधानसभा चुनाव की रणभेरी बजने से पहले ही सोशल साइट को रणक्षेत्र बना रखा था. इस पार्टी के सांसद अरूण भारती लगातार इशारों ही इशारों में अपनों ओर परायों पर निशाना साध रहे थे. पार्टी की पूरी रणनीति और फील्डिंग अरूण भारती ने सोशल साइट पर ही सेट की. अकेले लड़ने जैसे संकेतों से लगातार एनडीए पर दबाव बनाये रखा.

राजद और कांग्रेस की रस्साकसी भी फेसबुक और एक्स पर हुई उजागर

दिल्ली में राजद व कांग्रेस के बीच 13 अक्तूबर को सीट शेयरिंग को लेकर बैठक हो रही थी. बैठक खत्म होने के कुछ ही देर बाद राजद प्रवक्ता मनोज झा ने रहिमन धागा प्रेम का, मत तोड़ो छिटकाय…. सरीखा दोहा एक्स पर शेयर कर दिया. बात यही नहीं रूकी. मनोज झा की इस ट्वीट पर कांग्रेस प्रवक्ता इमरान प्रतापगढ़ी ने भी अब भी जलता शहर बचाया जा सकता है…. जैसी शायरी से पलटवार कर दिया. कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता रागिनी नायक ने भी जो उतरो सो डूब गया, जो उतरो सो पार… जैसे दोहे से मनोज झा को जवाब दिया.

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Published by: Rakesh ranjan

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