Ganga water level: बिहार में गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर ने बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया है. पटना के दानापुर और मनेर के दियारा इलाकों में गंगा और सोन नदी का पानी तेजी से फैल रहा है. कई गांवों में खेत, सड़क और घरों तक पानी पहुंच चुका है. हालात को देखते हुए राज्य के आठ जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है. इनमें भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, नालंदा, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद शामिल हैं.
प्रशासन की ओर से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गयी है. स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से लोगों को जागरूक करने के साथ मीडिया, सोशल मीडिया और पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम से भी बाढ़ संबंधी सूचनाएं प्रसारित की जा रही हैं.
दानापुर-मनेर के दियारा में तेजी से फैल रहा पानी
गंगा और सोन के बढ़ते जलस्तर का सबसे अधिक असर दानापुर और मनेर के दियारा इलाकों में दिखाई दे रहा है. कई गांवों में खेत और रास्ते जलमग्न हो चुके हैं. कुछ इलाकों में लोगों के घरों में भी पानी प्रवेश कर गया है.
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि गांवों में आवागमन का मुख्य साधन सड़क था, लेकिन पानी भरने के बाद कई रास्ते बंद हो गये हैं. स्कूल और सामान्य आवागमन प्रभावित होने से लोगों की परेशानी बढ़ गयी है. ग्रामीणों ने प्रशासन से नाव, राहत सामग्री, पशु चारा, दवा और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है.
ग्रामीणों की चिंता- घर, फसल और इलाज की व्यवस्था पर संकट
बाढ़ प्रभावित इलाकों के ग्रामीणों के सामने सबसे बड़ी चुनौती रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने की है. ग्रामीणों के अनुसार, कई जगहों पर खेतों में पानी भरने से फसल को नुकसान हुआ है. पशुओं के लिए चारा जुटाना भी मुश्किल हो रहा है.
स्थानीय लोगों ने बताया कि आपात स्थिति में मरीजों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है. ग्रामीणों ने प्रशासन से पर्याप्त संख्या में नावों की व्यवस्था करने और गांवों में राहत सामग्री पहुंचाने की मांग की है.
एक ग्रामीण ने बताया कि कई पंचायतें और टोले पानी से घिरे हुए हैं. गांवों में भोजन, पीने के पानी, बच्चों के लिए दूध और दवाओं की जरूरत है. ग्रामीणों का कहना है कि पानी लगातार बढ़ रहा है और समय रहते राहत व्यवस्था मजबूत करने की आवश्यकता है.
Bihar flood: गांधी घाट पर खतरे के निशान से काफी ऊपर पहुंचा गंगा का पानी
पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 1 सितंबर की सुबह जलस्तर 49.40 मीटर था. 2 सितंबर की शाम यह 49.98 मीटर पहुंच गया, जबकि 3 सितंबर की सुबह 50 मीटर दर्ज किया गया.
गुरुवार दोपहर 12 बजे तक गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 50.25 मीटर पहुंच गया था. यह खतरे के निशान से करीब 1.65 मीटर ऊपर है.
जल संसाधन विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर हाईएस्ट फ्लड लेवल यानी एचएफएल को भी पार कर सकता है. वहीं मोकामा के हाथीदह में शुक्रवार दोपहर के आसपास एचएफएल पार होने की आशंका जतायी गयी है.
दानापुर में 50 और मनेर में 40 नावें तैयार
प्रशासन ने बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए नावों की व्यवस्था पहले से की है. दानापुर में 50 और मनेर में 40 नावें निबंधित हैं. इनका इस्तेमाल दियारा क्षेत्रों में आवागमन और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के लिए किया जा रहा है.
दानापुर के अनुमंडल पदाधिकारी वीरूपाक्ष विक्रम सिंह ने बताया कि प्रशासन को बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने की सूचना दो दिन पहले मिली थी. इसके बाद से ही सभी संबंधित विभागों को अलर्ट कर दिया गया और तैयारियां शुरू कर दी गयीं.
उन्होंने बताया कि दियारा क्षेत्र से लोगों को सुरक्षित निकालने और गंगा के उस पार से इस पार लाने के लिए नावों का इस्तेमाल किया जा रहा है.
बलदेव हाई स्कूल में राहत केंद्र की तैयारी
दानापुर क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए बलदेव हाई स्कूल में आवश्यक व्यवस्थाएं की गयी हैं. यहां बिजली, रोशनी, मेडिकल कैंप, पशुओं के लिए चारा, पशु चिकित्सा और शौचालय जैसी सुविधाओं की व्यवस्था की गयी है.
प्रशासन के अनुसार जरूरत पड़ने पर दियारा क्षेत्र के लोगों को यहां लाकर ठहराया जा सकता है. कुछ प्रभावित लोग पहले से ही सुरक्षित स्थान के रूप में यहां पहुंचकर रह रहे हैं.
आठ जिलों में प्रशासन को अलर्ट रहने का निर्देश
गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, नालंदा, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद में प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है.
निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है. प्रशासन का जोर समय रहते लोगों को सूचना देने और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने पर है.
सरकार भी लगातार स्थिति की कर रही निगरानी
बाढ़ की स्थिति को लेकर राज्य सरकार की ओर से भी लगातार निगरानी की जा रही है. मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि बिहार के कई जिलों में बाढ़ से जनजीवन प्रभावित हुआ है. मुख्यमंत्री और प्रशासनिक अधिकारी स्थिति पर नजर रख रहे हैं.
उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में नाव, मेडिकल कैंप, डॉक्टर और दवाओं की व्यवस्था की गयी है. अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया है.
अगले कुछ घंटे अहम, बढ़ते जलस्तर पर टिकी नजर
फिलहाल गंगा के बढ़ते जलस्तर ने पटना समेत कई इलाकों में चिंता बढ़ा दी है. दानापुर और मनेर के दियारा क्षेत्रों में पानी पहुंचने के बाद ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गयी हैं. वहीं गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर लगातार ऊपर जा रहा है.
प्रशासन की चुनौती अब प्रभावित लोगों को समय पर राहत पहुंचाने और जलस्तर में और वृद्धि होने की स्थिति में उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की है. आने वाले घंटों में गंगा के जलस्तर में होने वाला बदलाव बाढ़ की स्थिति की गंभीरता तय करेगा.