लालटेन युग से कैसे निकला बिहार, एशिया क्लीन इनर्जी समिट में जानेगी दुनिया

Bihar Energy: इस सम्मेलन में शामिल होने के लिए बिजली कंपनी से साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक महेन्द्र कुमार मनीला गए हैं. बिहार में बिजली के क्षेत्र में हुई प्रगति से वो दुनिया के अन्य देशों को अवगत करायेंगे.

Bihar Energy: पटना. फिलीपींस की राजधानी मनीला में दो से चार जून तक तीन दिवसीय एशिया क्लीन इनर्जी समिट का आयोजन किया गया है. इसमें बिहार को बिजली के क्षेत्र में हुई प्रगति की जानकारी देने के लिए आमंत्रित किया गया है. इस सम्मेलन में शामिल होने के लिए बिजली कंपनी से साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक महेन्द्र कुमार मनीला गए हैं. बिहार में बिजली के क्षेत्र में हुई प्रगति से वो दुनिया के अन्य देशों को अवगत करायेंगे.

कुल 14 कंपनियां होंगी शामिल

समिट की बाबत उन्होंने कहा कि भारत से 14 वितरण कंपनियों को इस समिट में शामिल होने के लिए बुलाया गया है. इसमें दो सरकारी तो 12 गैर सरकारी (निजी) वितरण कंपनियां हैं. दो सरकारी में एक बिहार को आमंत्रित किया गया है. अपने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से बिहार की बिजली कंपनी हाल के वर्षोँ में बिजली के क्षेत्र में हुई प्रगति के बारे में दुनिया के अन्य देशों को अवगत कराएगी.

दो दशक में 700 से 9 हजार मेगावाट बढ़ी खपत

दो दशक पहले मात्र 700 मेगावाट बिजली खपत करनेवाले बिहार में कैसे अब आठ हजार मेगावाट से अधिक बिजली खपत होती है, इसके बारे में लोगों को बताया जाएगा. किस तरह हर गांव में बिजली की सुविधा उपलब्ध कराई गई. कैसे हर गांव के सभी इच्छुक लोगों को बिजली कनेक्शन प्रदान किया गया. नदी, पहाड़ी व दुर्गम इलाकों में भी है बिजली की सुविधा नदी, पहाड़ी व अन्य दुर्गम इलाकों में भी कंपनी ने लोगों को बिजली की सुविधा उपलब्ध कराई है, यह भी बताया जाएगा.

स्मार्ट प्रीपेड मीटर की होगी बात

सम्मेलन में यह बात प्रमुखता से रखी जायेगी कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगानेवाला बिहार देश का पहला राज्य है. देश में अभी सबसे अधिक स्मार्ट प्रीपेड मीटर बिहार में लगे हुए हैं. गैर परम्परागत ऊर्जा के क्षेत्र में भी बिहार में कई काम हुए हैं. कई और मानकों पर भी बिहार ने देश में कीर्तिमान रचा है, जिसे बिजली कंपनी के एमडी मनीला में दूसरे देशों को बताएंगे. इस सम्मेलन में एक ऐसे राज्य में हुए बिजली क्रांति की जानकारी दी जायेगी जो महज दो दशक पहले तक लालटेन युग में जी रहा था, लेकिन आज यहां सरप्लस बिजली है.

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By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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