Bihar Elections 2025: आचार संहिता उल्लंघन केस पर पप्पू यादव का पलटवार, “गोली मार दो, फांसी दे दो… मैं डरने वाला नहीं”

Bihar Elections 2025: बिहार में चुनावी बिगुल बजते ही सियासत गरमाने लगी है. एक तरफ नेता टिकट की जुगत में जुटे हैं, तो दूसरी तरफ जन अधिकार पार्टी (JAP) के प्रमुख पप्पू यादव राहत कार्यों और बयानों से सियासी हलचल मचा रहे हैं. जहां एक वायरल वीडियो ने उन्हें कानूनी घेरे में ला खड़ा किया है, वहीं उनका तीखा बयान चुनावी बहस के केंद्र में है.

Bihar Elections 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की घोषणा के साथ ही राज्य में आचार संहिता लागू हो चुकी है. इसी बीच मधेपुरा के निर्दलीय सांसद और जन अधिकार पार्टी के नेता पप्पू यादव के दो वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं. एक में वे गंगा कटाव प्रभावित गांवों में बाढ़ पीड़ितों को राहत देते दिख रहे हैं, जबकि दूसरे में कथित रूप से नकद राशि बांटते हुए नजर आ रहे हैं. इन घटनाओं के बाद प्रशासन ने उनके खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन का केस दर्ज किया है, पप्पू यादव ने खुलकर कहा है— जो करना है कर लो, मैं इंसानियत की मदद से पीछे नहीं हटूंगा.

वायरल वीडियो से मचा सियासी बवाल, FIR दर्ज

वैशाली जिले के देसरी थाना क्षेत्र में पप्पू यादव के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया है. यह मामला सहदेई प्रखंड के गनियारी गांव में कटाव प्रभावित परिवारों को नकद सहायता देने को लेकर हुआ. कैमरे में रिकॉर्ड हुआ कि यादव एक सूची से नाम पुकारकर 2000 से 3000 रुपये तक की राशि ग्रामीणों को दे रहे थे. प्रशासन को इसकी शिकायत मिली और जांच के बाद एफआईआर दर्ज की गई.

महनार अनुमंडल पदाधिकारी नीरज कुमार सिंहा ने बताया, “आचार संहिता लागू होने के बावजूद एक माननीय द्वारा सहयोग के तौर पर राशि वितरण किया गया. इसके बाद शहदेई अंचलाधिकारी के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई है.” उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

गोली मार दो, फांसी दे दो… — बयान ने मचाई हलचल

इस बीच पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बात करते हुए पप्पू यादव ने प्रशासन और प्रतिद्वंद्वी नेताओं पर तीखा वार किया. उन्होंने कहा,

सदई गांव में 15 दिनों से घर कटे पड़े हैं, सोनपुर में घर बर्बाद हो गए, संबलपुर में कोई देखने तक नहीं गया. हम तब पहुंचे जब लोग भूख से मर रहे थे. अगर ऐसे वक्त में इंसान की मदद करने से चुनाव आयोग डराता है तो जितनी बार फांसी देनी है दे, गोली मारनी है मारो, सूली पर चढ़ाना है चढ़ाओ. मैं नहीं डरने वाला.

पांच-पांच सीएम चेहरे, कोई नहीं आया गंगा कटाव पीड़ितों के मदद के लिए

उन्होंने प्रदेश के बड़े नेताओं पर तंज कसते हुए कहा, “हाजीपुर से नित्यानंद बाबू हैं, चिराग पासवान खुद को सीएम उम्मीदवार बता रहे हैं, उपेन्द्र कुशवाहा भी दावेदार हैं, तेजस्वी यादव भी सीएम फेस हैं… लेकिन गंगा कटाव से प्रभावित परिवारों की सुध लेने कोई नहीं आया. बड़े नेता टिकट के चक्कर में व्यस्त हैं, लोगों की पीड़ा से उनका कोई लेना-देना नहीं.

पप्पू यादव ने बताया कि उन्होंने इस मामले को लेकर वैशाली के जिलाधिकारी को फोन भी किया था, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग से डरकर वे राहत कार्य बंद नहीं करेंगे.

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लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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