Bihar Education System : एक समय बिहार के लाखों विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी बड़ी चुनौती हुआ करती थी. इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी के लिए छात्रों को कोटा, दिल्ली और दूसरे बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था. अब राज्य में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़कर विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की जा रही है.
मॉडल स्कूलों से लेकर डिजिटल शिक्षा तक पर जोर
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में सरकार स्कूल भवनों के निर्माण, विद्यालयों की संख्या बढ़ाने के साथ आधुनिक तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है. इसके साथ ही देश के श्रेष्ठ शिक्षकों का मार्गदर्शन विद्यार्थियों तक पहुंचाने की व्यवस्था विकसित की जा रही है.
551 मॉडल स्कूल और 211 डिग्री कॉलेज खोलने की योजना
राज्य में 551 सरस्वती विद्या निकेतन यानी मॉडल स्कूल और 211 डिग्री कॉलेज खोलने की पहल की गई है. वहीं 415 विद्यालयों में लाइव क्लास की सुविधा शुरू की गई है. इसके लिए सात शैक्षणिक संस्थानों के साथ एमओयू किए गए हैं.
अब छात्रों को मिलेगा 24x7 शिक्षक का साथ
इसी क्रम में 24x7 इंटरैक्टिव लर्निंग प्लेटफॉर्म 'बिहार विद्या साथी' शुरू किया गया है. इस प्लेटफॉर्म के जरिए विद्यार्थियों को सप्ताह के सातों दिन और चौबीसों घंटे पढ़ाई से जुड़ी सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है.
किसी भी विषय की समस्या का मिल सकेगा समाधान
'बिहार विद्या साथी' पर पढ़ाई से जुड़ी किसी समस्या के सामने आने पर विद्यार्थी विशेषज्ञ शिक्षकों से मार्गदर्शन ले सकेंगे. इंटरैक्टिव लर्निंग सिस्टम के जरिए छात्र अपनी जरूरत के अनुसार शैक्षणिक सहायता प्राप्त कर सकेंगे और विषय से जुड़ी परेशानियों का समाधान पा सकेंगे.
सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए सुविधा निःशुल्क
इस प्लेटफॉर्म की सुविधा सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क रखी गई है. सरकार की योजना राज्य के 700 मॉडल स्कूलों में 'विद्या साथी' व्यवस्था लागू करने की है, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सहायता मिल सके.
75 हजार शिक्षकों और विषय विशेषज्ञों का नेटवर्क
'विद्या साथी' व्यवस्था के लिए 75 हजार शिक्षकों और विषय विशेषज्ञों का नेटवर्क तैयार किया गया है. फिलहाल 1.46 लाख विद्यार्थी इस प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं. सरकार ने तीन लाख विद्यार्थियों को इससे जोड़ने का लक्ष्य रखा है.
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में दिखने लगा असर
सरकार की इन पहलों का असर प्रतियोगी परीक्षाओं के परिणामों में भी दिखाई देने का दावा किया गया है. पहले बैच में सात विद्यार्थियों ने IIT और 30 विद्यार्थियों ने NEET समेत अन्य संस्थानों में प्रवेश हासिल किया.
दूसरे बैच में भी विद्यार्थियों को मिली सफलता
दूसरे बैच में नौ विद्यार्थियों का IIT में चयन हुआ, जबकि 25 विद्यार्थियों ने NEET और अन्य संस्थानों में प्रवेश हासिल किया. इसके अलावा 15 विद्यार्थियों को सरकारी मेडिकल कॉलेज में दाखिला मिला.
बिहार के छात्रों के लिए बदल सकता है पढ़ाई का तरीका
लाइव क्लास, डिजिटल प्लेटफॉर्म, विशेषज्ञ शिक्षकों का मार्गदर्शन और 24x7 इंटरैक्टिव लर्निंग जैसी सुविधाओं से सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को पढ़ाई के नए अवसर मिलने की उम्मीद है. अगर इन योजनाओं का विस्तार प्रभावी तरीके से होता है तो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दूसरे शहरों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है.
