ई-चालान नहीं भरा तो होगी बड़ी कार्रवाई, गाड़ी होगी ब्लैकलिस्ट, ड्राइविंग लाइसेंस भी हो सकता है रद्द

Traffic Challan: यातायात नियम तोड़कर ई-चालान की राशि नहीं भरने वाले वाहन मालिकों पर अब परिवहन विभाग सख्त कार्रवाई करने जा रहा है. तय समय सीमा के भीतर जुर्माना जमा नहीं करने पर वाहन ब्लैकलिस्ट किए जा सकते हैं. साथ ही ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन रजिस्ट्रेशन से जुड़ी कार्रवाई भी की जा सकती है.

Traffic Challan: बिहार में यातायात नियमों का उल्लंघन करने के बाद भी जुर्माना नहीं भरने वाले वाहन मालिकों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं. परिवहन विभाग ने ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ा कदम उठाने का फैसला किया है, जिन्होंने लंबे समय से ई-चालान की राशि जमा नहीं की है.

छह महीने तक जुर्माना नहीं भरा तो होगी कार्रवाई

विभाग के नए निर्देश के अनुसार, यदि कोई वाहन मालिक छह महीने के भीतर ई-चालान का भुगतान नहीं करता है, तो उसके वाहन को ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा. इतना ही नहीं, वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर और संबंधित व्यक्ति के ड्राइविंग लाइसेंस को रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है.

बकायेदार वाहनों की सूची तैयार

परिवहन पदाधिकारियों का कहना है कि ई-चालान व्यवस्था लागू होने के बावजूद कई वाहन चालक जुर्माना भरने में लापरवाही कर रहे हैं. उनलोगों ने आगे कहा कि लोग तभी चालान जमा करते हैं, जब वाहन के कागजात अपडेट कराने की जरूरत पड़ती है. इसी वजह से विभाग ने अब सख्त रुख अपनाया है.

6,500 से अधिक वाहनों पर करोड़ों का बकाया

परिवहन विभाग ने ऐसे वाहनों की सूची तैयार कर ली है, जिन पर तीन महीने पहले तक का चालान बकाया है. आंकड़ों के अनुसार, नालंदा में सिर्फ 6,512 वाहनों पर कुल 13 करोड़ 55 लाख 69 हजार 955 रुपये का जुर्माना बकाया है. विभाग अब इन मामलों की निगरानी कर रहा है.

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ब्लैकलिस्ट होने पर नहीं बेच सकेंगे गाड़ी

यदि वाहन ब्लैकलिस्ट हो जाता है, तो मालिक को कई परेशानियों का सामना करना पड़ेगा.

  • वाहन के दस्तावेज अपडेट नहीं होंगे.
  • गाड़ी का ट्रांसफर नहीं हो सकेगा.
  • वाहन किसी अन्य व्यक्ति को बेचा नहीं जा सकेगा.
  • कई ऑनलाइन सेवाएं भी बंद हो सकती हैं.

जानिए किस नियम पर कितना जुर्माना

परिवहन विभाग ने वाहन चालकों को नियमों का पालन करने की सलाह दी है. नियम तोड़ने पर भारी जुर्माना देना पड़ सकता है.

  • बिना ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाने पर: 5,000 रुपये
  • शराब पीकर वाहन चलाने पर: 10,000 रुपये या छह महीने तक की जेल
  • ओवरस्पीडिंग पर: 1,000 से 2,000 रुपये
  • बिना हेलमेट या सीट बेल्ट के: 1,000 रुपये
  • रेड लाइट जंप करने पर: 1,000 से 5,000 रुपये
  • ड्राइविंग के दौरान मोबाइल इस्तेमाल करने पर: 5,000 रुपये
  • खतरनाक ड्राइविंग पर: 5,000 रुपये
  • एंबुलेंस या आपातकालीन वाहन को रास्ता नहीं देने पर: 10,000 रुपये तक जुर्माना

समय रहते भर दें ई-चालान

परिवहन विभाग का कहना है कि वाहन मालिक समय रहते अपने बकाया ई-चालान का भुगतान कर दें. ऐसा नहीं करने पर भविष्य में वाहन और लाइसेंस दोनों से जुड़ी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है.

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Published by: Abhinandan Pandey

अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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