पटना से अनुपम कुमार की रिपोर्ट
Bihar E-Bus Service: पटना में चलने वाली बीएसआरटीसी की सभी सीएनजी बसें जल्द इलेक्ट्रिक बसों से रिप्लेस होंगी. अभी पटना शहर के 6 रूटों पर 100 सीएनजी बसें चल रही हैं. इन सब को पीएम ई-बस योजना के अंतर्गत मिलने वाली इलेक्ट्रिक बसों से रिप्लेस किया जाएगा. बीएसआरटीसी के बांकीपुर डिविजन को 150 इलेक्ट्रिक बसें मिलनी हैं, जिनमें से 100 को शहर के अंदर चलने वाली इलेक्ट्रिक बसों को रिप्लेस करने में इस्तेमाल किया जायेगा.
कब से शुरू होगा बसों का परिचालन?
जबकि बची 50 बसों को शहर के आस-पास के रूटों पर परिचालित किया जाएगा. इनमें बिहटा, बिहार शरीफ और हाजीपुर रूट शामिल हैं. जानकारी के मुताबिक, शहर के आस-पास के इन तीन रूटों में भी सिटी बस सेवा के अंतर्गत ही बसों का परिचालन किया जाता है. अगले महीने से इन बसों का परिचालन शुरू हो जाने की संभावना है.
बिहटा, बिहारशरीफ और हाजीपुर जाने वाले यात्रियों को फायदा
बिहटा, बिहारशरीफ और हाजीपुर के लिए अभी पटना से बीएसआरटीसी की 25 बसों का परिचालन किया जा रहा है. इनमें से 20 सीएनजी और पांच इलेक्ट्रिक बसें हैं. बसों की संख्या कम होने के कारण अभी इन रूटों में जाने वाले यात्रियों विशेषकर बिहारशरीफ और बिहटा जाने वाले यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ता है. 50 नयी इलेक्ट्रिक बसों का परिचालन शुरू होने के बाद यात्रियों को ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा.
इलेक्ट्रिक बसों के चलने से होंगे ये फायदे
सीएनजी बसों को इलेक्ट्रिक बसों से रिप्लेस करना शहर के पर्यावरण के लिए भी बेहतर होगा. डीजल बसों को शहर से बाहर करने की बड़ी वजह शहर के पर्यावरण को डीजल के जलने से निकलने वाली हानिकारक गैसों से निजात दिलाना और पर्यावरण को बेहतर बनाना था. इलेक्ट्रिक बस पूरी तरह प्रदूषणमुक्त है. लिहाजा शहर के पर्यावरण पर इनका किसी भी तरह का नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा.
