संघर्ष से सफलता तक: नवादा की बेटी डॉ. परिणीता भारती ने सेवा को बनाया जीवन का मिशन

Bihar Doctor Success Story: National Doctors Day पर डॉ. परिणीता भारती की प्रेरणादायक कहानी. गांव से निकलकर 51 निःशुल्क मेडिकल कैंप के जरिए हजारों महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाएं और जागरूकता प्रदान की.

पटना से मोनू कुमार मिश्रा की रिपोर्ट
Bihar Doctor Success Story: नवादा जिले के बजरा गांव से निकलकर डॉ. परिणीता भारती (National Doctors Day) ने संघर्ष और मेहनत के दम पर डॉक्टर बनने का सपना पूरा किया. बचपन में परिवार को इलाज के अभाव में जूझते देखकर उन्होंने तय किया कि वे समाज के लिए कुछ करेंगी. उनके पिता ने हर परिस्थिति में उनका साथ दिया और उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी.

मुंबई से एमडी तक का सफर

डॉ. परिणीता ने मुंबई के प्रतिष्ठित टोपिवाला नेशनल मेडिकल कॉलेज और बीवाईएल नायर हॉस्पिटल से एमडी की डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान उन्होंने न सिर्फ मेडिकल ज्ञान बढ़ाया, बल्कि समाज सेवा का संकल्प भी और मजबूत किया.

पिता की बीमारी ने बदल दी सोच

उनके जीवन का सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब उनके पिता को हार्ट अटैक और बाद में स्ट्रोक हुआ. गांव में बेहतर इलाज न मिल पाने की कठिनाई ने उन्हें ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारने के लिए प्रेरित किया. यहीं से उन्होंने महिलाओं और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए काम करने का संकल्प लिया.

महिलाओं के स्वास्थ्य को बनाया जीवन का मिशन

डॉ. परिणीता भारती ने महिलाओं के स्वास्थ्य को अपनी प्राथमिकता बनाया. वे मासिक धर्म जागरूकता, स्तनपान, एनीमिया और पोषण जैसे विषयों पर लगातार काम कर रही हैं. उनका उद्देश्य महिलाओं में स्वास्थ्य को लेकर फैली झिझक और गलत धारणाओं को खत्म करना है.

51 निःशुल्क मेडिकल कैंप से हजारों को राहत

अब तक उन्होंने 51 निःशुल्क मेडिकल कैंप आयोजित किए हैं, जिनमें हजारों महिलाओं की स्वास्थ्य जांच और उपचार किया गया. इन कैंपों में मुफ्त दवा, जांच और परामर्श की सुविधा दी जाती है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर महिलाएं भी लाभान्वित हो रही हैं.

जांच और जागरूकता पर बराबर जोर

सरकारी डॉक्टर के रूप में कार्यरत रहते हुए भी वे ड्यूटी के बाद गांवों और स्लम क्षेत्रों में जाकर सेवा देती हैं. वे ब्लड प्रेशर, शुगर और हीमोग्लोबिन जैसी जांच कर समय रहते बीमारियों की पहचान और रोकथाम पर जोर देती हैं.

Bihar Doctor Success Story: लोगों की ‘डॉ दीदी’ बनीं पहचान

स्थानीय महिलाएं और ग्रामीण उन्हें प्यार से ‘डॉ दीदी’ कहकर बुलाते हैं. उनकी सादगी, सेवा भाव और समर्पण ने उन्हें समाज में भरोसे और सम्मान की एक खास पहचान दिलाई है.

इलाज से आगे जागरूकता का अभियान

डॉ. परिणीता भारती का उद्देश्य केवल इलाज करना नहीं, बल्कि समाज में स्वास्थ्य जागरूकता फैलाना है. उनके प्रयास ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव की मजबूत नींव रख रहे हैं.

ALSO READ: पटना के पालीगंज में Excise टीम पर फायरिंग, होमगार्ड जवान बाल-बाल बचे

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Karunatiwari

करुणा तिवारी पिछले 8 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. इनके पास टीवी और डिजिटल मीडिया दोनों में अनुभव हैं. वर्तमान में करुणा तिवारी प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं.

डिजिटल पत्रकारिता में SEO-फ्रेंडली कंटेंट के अनुरूप समाचार लेखन और पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए आकर्षक एवं उपयोगी कंटेंट लिखती है. वे समाचारों के लिए प्रभावशाली हेडलाइन, सटीक सबहेडिंग और पाठकों की जरूरत के अनुरूप सरल एवं स्पष्ट भाषा का उपयोग करती हैं. समयबद्धता, तथ्यों की पुष्टि और निष्पक्षता उनके कार्य की प्रमुख विशेषताएं हैं.

इन्हें बिहार की राजनीति, ग्राउंड रिपोर्टिंग और सामाजिक मुद्दों पर काम करना पसंद है. चुनावी गतिविधियों, सरकारी योजनाओं, स्थानीय समस्याओं और आम लोगों से जुड़े विषयों पर उनकी गहरी नजर रहती है. उनका मानना है कि पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि समाज को सही, संतुलित और भरोसेमंद जानकारी उपलब्ध कराना भी है.

लगातार सीखने और खुद को बेहतर बनाने की सोच के साथ करुणा तिवारी आधुनिक डिजिटल पत्रकारिता की नई तकनीकों और ट्रेंड्स को अपनाते हुए पाठकों तक गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय कंटेंट पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >