भारतीय व्यापार प्रबंधन संस्थान (आइआइबीएम) की ओर से पुस्तक विमोचन समारोह का आयोजन किया गया. स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और मुंगेर से तीन बार सांसद रहे स्वर्गीय बनारसी प्रसाद सिंह के जीवन पर आधारित पुस्तक ””अंग प्रदेश के गांधी : बनारसी बाबू”” का विमोचन मुख्य अतिथि राज्यपाल आरिफ मो खान ने किया. इस अवसर पर उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार सांस्कृतिक और आध्यात्मिक राजधानी रहा है. प्रज्ञा और बुद्धिमत्ता का केंद्र रहा है. जिस तरह देश की स्वास्थ्य सेवाओं में केरल का योगदान है उसी तरह देश के अन्य क्षेत्रों में बिहार का बड़ा योगदान है. बिहार के लोग एक दूसरे की अगर मदद करें और बिहार में बिहारी को खोजें तो बिहार फिर से विश्व का नेतृत्व कर सकता है. राज्यपाल ने कहा कि बिहारियों को एक होने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि बनारसी प्रसाद सिंह अपना जीवन गांधीवादी मूल्यों, सत्य और अहिंसा को समर्पित कर दिया. इस पुस्तक के माध्यम से नयी पीढ़ी को उनके जीवन से प्रेरणा मिलेगी और वे राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देने के लिए प्रेरित होंगे. वहीं बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि बनारसी बाबू का जीवन हमें बताता है कि कैसे नैतिकता, सेवा और नेतृत्व का सही उपयोग करके समाज में परिवर्तन लाया जा सकता है. उन्होंने इस पुस्तक को एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दस्तावेज बताया. जमालपुर के विधायक अजय कुमार सिंह भी इस अवसर पर मौजूद रहे. स्वागत भाषण में बिहार विधान परिषद के सदस्य डॉ. समीर कुमार सिंह ने कहा कि बनारसी बाबू केवल एक स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन के प्रतीक भी थे. आईआईबीएम पटना के निदेशक डॉ. रोहित सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया. कार्यक्रम संचालन सुश्री प्रियनंदिनी ने किया. मौके पर लोकसभा सचिवालय के पूर्व निदेशक डॉ. रणवीर कुमार व अन्य गणमान्य लोगों ने पुस्तक का विमोचन किया.
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