Bihar Politics: 'बिहार करे पुकार, आइए निशांत कुमार', जदयू ऑफिस के बाहर समर्थकों ने लगाया पोस्टर

Bihar Politics: पटना स्थित जनता दल यूनाइटेड (JDU) कार्यालय के सामने एक पोस्टर लगाया गया है. समर्थकों ने पोस्टर के माध्यम से निशांत कुमार से राजनीति में आने की अपील की है.

Bihar Politics: बिहार सीएम नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार के राजनीति की चर्चा खूब हो रही है. इस मुद्दे पर जदयू, बीजेपी, राजद, हम और कांग्रेस पार्टी के नेता प्रतिक्रिया दे रहे हैं. इस बीच पटना में जदयू ऑफिस के बाहर निशांत के समर्थन में बड़ा सा पोस्टर लगाया गया है. पार्टी कार्यकर्ताओं ने यह पोस्टर लगाकर निशांत से राजनीति में आने का आग्रह किया है.

पोस्टर में क्या लिखा है?

जदयू ऑफिस के गेट के ठीक बगल में लगे इस पोस्टर में नीतीश कुमार और निशांत कुमार की तस्वीर लगाई गयी है. इस पोस्टर में निवेदन करने वाले का भी नाम लिखा है. इसमें अभय पटेल, चंदन पटेल, सुनिल सिंह और वरुण कुमार की तस्वीरें लगाई गई हैं. पोस्टर के बीच में लिखा है- बिहार करे पुकार, आइए निशांत कुमार.

इसे भी पढ़ें: ‘लालू यादव के बच्चों का भविष्य संवारने के चक्कर में आप…’, JDU ने पोस्टर के जरिये RJD पर बोला बड़ा हमला

पोस्टर लगाने वालों ने क्या कहा

पोस्टर लगाने वाले लोगों से जब मीडिया ने सवाल किया तो उन्होंने कहा कि बिहार की जनमानस कह रही है कि बिहार को नौवीं फेल नेता नहीं बल्कि एक पढ़ा लिखा इंजीनयर नेता चाहिए जो राज्य का विकास कर सके. निशांत कुमार में बिहार को नेतृत्व प्रदान करने की पूरी क्षमता है. य

जीतन राम मांझी निशांत के स्वागत में क्या बोले

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा, “डॉक्टर का बेटा डॉक्टर बने तो अच्छा, IAS का बेटा IAS बने तो काबिल, इंजीनियर का बेटा इंजीनियर बने तो होनहार, पर नेता का बेटा नेता बने तो कई सवाल… ये ठीक नहीं… राजनीति में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के पुत्र निशांत का स्वागत है. HAM निशांत के साथ हैं.”

इसे भी पढ़ें: Bihar News: इस जाति के लोग कभी कहलाते थे राजा, अब मजदूर भी नहीं रहे, मांग रहे मदद

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >