बिहार में अब सरकारी जमीन के मामलों में नहीं चलेगी ढिलाई, अधिकारियों को सख्त आदेश, किन पर होगी पहले कार्रवाई?

Bihar Bhumi: बिहार में सरकारी जमीन को लेकर जीरो टॉलेरेंस की नीति अपनाई जा रही है. अब किसी भी हाल में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इसे लेकर सख्त आदेश अधिकारियों को जारी कर दिया गया है. सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा.

Bihar Bhumi: बिहार में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा को लेकर सरकार सख्त हो गई है. इसके साथ ही जीरो टॉलेरंस की नीति अपनाई जा रही है. सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटाने का सख्त आदेश दिया गया है. बिहार के उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा की तरफ से एक्स अकाउंट के जरिए पोस्ट शेयर कर चेतावनी दे दी है.

विजय सिन्हा ने अपने पोस्ट में क्या लिखा?

विजय सिन्हा ने अपने पोस्ट में लिखा, ‘सरकारी भूमि राज्य की अमूल्य संपत्ति है. इस पर अवैध कब्जा न स्वीकार्य है, न सहनीय. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में अब सरकारी जमीन संरक्षण पर कार्रवाई और तेज की जा रही है. अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश हैं कि सरकारी जमीन के मामलों में अब कोई ढिलाई नहीं चलेगी. NDA सरकार का संकल्प—कानून का राज, कब्जामुक्त बिहार.’

सुप्रीम कोर्ट ने क्या दिया था आदेश?

सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा को लेकर सुप्रीम कोर्ट की ओर से आदेश जारी किया गया, जिसके बाद सरकार और भी सख्त हो गई है. कोर्ट की तरफ से कहा गया कि सरकारी जमीन के मामलों में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. अधिकारियों की चूक से राज्य का हित प्रभावित ना हो. ऐसे में प्रशासन को जल्द और प्रभावी कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है.

जिलों को लैंड बैंक तैयार करने का आदेश

इसके साथ ही जिलों में लैंड बैंक तैयार करने का भी आदेश दिया गया है. जानकारी के मुताबिक, अंचलों में सरकारी जमीन की पहचान कर वाद दायर करने और रिकवर कराने का आदेश दिया गया है. साथ ही पूरे मामले में नियमित रूप से मॉनिटरिंग की जाएगी. लैंड बैंक बनाने से यह फायदा हो सकेगा कि इंडस्ट्रियलाइजेशन को गति मिलेगी, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप हो सकेगा और लोगों की जरुरतों के लिए जमीन मिल सकेगा.

किन सरकारी जमीन पर होगी पहले कार्रवाई?

एक सवाल यह भी है कि किन सरकारी जमीन पर पहले कार्रवाई होगी? इसे लेकर जानकारी दी गई कि कैडेस्ट्रल सर्वे में दर्ज सरकारी जमीन, वैसे जमीन जिसका विधि सम्मत बंदोबस्ती नहीं हुआ हो और जो निजी व्यक्तियों के अवैध कब्जे में हो, ऐसे जमीन को प्राथमिकता देते हुए कानूनी प्रक्रिया के तहत मुक्त कराया जाएगा.

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Published by: Preeti Dayal

प्रीति दयाल, प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहीं हैं. यूट्यूब पोर्टल सिटी पोस्ट लाइव से पत्रकारिता की शुरुआत की. इसके बाद डेलीहंट और दर्श न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में काम कर चुकीं हैं. डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग में साढ़े 3 साल का अनुभव है. खबरें लिखना, वेब कंटेंट तैयार करने और ट्रेंडिंग सब्जेक्ट पर सटीक और प्रभावी खबरें लिखने का काम कर रहीं हैं. प्रीति दयाल ने पत्रकारिता की पढ़ाई संत जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी से की. इस दौरान पत्रकारिता से जुड़ी कई विधाओं को सीखा. मीडिया संस्थानों में काम करने के दौरान डिजिटल जर्नलिज्म से जुड़े नए टूल्स, तकनीकों और मीडिया ट्रेंड्स को सीखा. पहली बार लोकसभा चुनाव 2024 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे बड़े चुनावी कवरेज में काम करने का अवसर मिला. इस दौरान बिहार की राजनीति, चुनावी रणनीतियों, राजनीतिक दलों और प्रमुख नेताओं से जुड़े कई प्रभावशाली और पाठकों की रुचि के अनुसार कंटेंट तैयार किए. चुनावी माहौल को समझते हुए राजनीतिक विश्लेषण और ट्रेंडिंग मुद्दों पर आधारित खबरों को आसान और प्रभावी भाषा में तैयार करना कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है. कंटेंट रिसर्च, SEO आधारित लेखन, सोशल मीडिया फ्रेंडली कंटेंट तैयार करना और तेजी से बदलते न्यूज वातावरण में काम करना प्रमुख क्षमताओं में शामिल है. बिहार की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, सिनेमा और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं पर रुचि और समझ है. टीम के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करना और समय सीमा के अंदर गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करना कार्यशैली का हिस्सा है. प्रीति दयाल का उद्देश्य डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में लगातार सीखते हुए अपनी पत्रकारिता कौशल को और बेहतर बनाना और पाठकों तक विश्वसनीय और प्रभावशाली खबरें पहुंचाना है.

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