बिहार में हड़ताली अफसरों की खैर नहीं, सरकार ने दिए FIR के आदेश, डिप्टी सीएम ने दी चेतावनी

Bihar Bhumi: बिहार में हड़ताल के बीच अब सरकार सख्त हो गई है. काम पर लौटे अधिकारियों को धमकाने और सोशल मीडिया पर दबाव बनाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी. सरकार ने कहा है कि ऐसे मामलों में तुरंत FIR दर्ज होगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.

Bihar Bhumi: बिहार के हड़ताली सीओ और राजस्व अधिकारियों पर दबाव और धमकी की घटनाओं पर राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि काम पर लौटे अधिकारियों को धमकाने या बाधा पहुंचाने वाले किसी भी संघ नेता या पदाधिकारी पर सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई होगी. इस संबंध में विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने सभी डीएम को पत्र लिखा है. इसमें निर्देश तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया गया है. सरकार ने इसे सेवा नियमों का उल्लंघन सहित आपराधिक कृत्य माना है.

इन धाराओं में होगी कार्रवाई

विभाग को मिली शिकायतों के अनुसार, हड़ताल पर गये कुछ अधिकारी काम कर रहे अपने सहयोगियों को व्हाट्सएप कॉल के जरिए धमका रहे हैं. वे सोशल मीडिया पर नेमिंग एंड शेमिंग कर मानसिक दबाव बना रहे हैं. विभाग ने इसे सरकारी कार्य में बाधा डालने की गंभीर कोशिश करार दिया है.

प्रधान सचिव ने निर्देश दिया है कि ऐसे मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 132, 351, 352, 126, 127, 349, 350 और 195 के तहत मुकदमा दर्ज किया जाये. इसके साथ ही आइटी एक्ट, 2000 की धारा 67 के तहत भी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है.

संघ पर बढ़ता दबाव, लौटने लगे अधिकारी

सरकारी सख्ती के बाद हड़ताल कर रहे अधिकारियों के बीच दबाव बढ़ने लगा है. विभागीय जानकारी के अनुसार अब तक 24 अधिकारी काम पर लौट चुके हैं. पहले ही गैर-हड़ताली अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार देकर कामकाज जारी रखने के निर्देश दिये जा चुके हैं. विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे ऐसे मामलों में तत्परता से कार्रवाई करें और की गई कार्रवाई की रिपोर्ट विभाग को भेजें.

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क्या बोले उपमुख्यमंत्री

उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि राज्य में विधि-व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था से कोई भी खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. काम पर लौटे ईमानदार अधिकारियों को धमकाना न केवल कायरता है, बल्कि यह एक गंभीर आपराधिक कृत्य भी है. ऐसे तत्वों को चिह्नित कर उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जायेगी.

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By Paritosh shahi

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 4 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.

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