पटना से अमृता की रिपोर्ट
Bihar B.Ed. College : राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप देशभर के बीएड कॉलेजों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है. अब भारतीय ज्ञान परंपरा को शिक्षक प्रशिक्षण और शिक्षण प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जाएगा. इसके लिए नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) ने विशेष फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) शुरू किया है, जिसके माध्यम से शिक्षकों को आधुनिक और भारतीय शिक्षण पद्धतियों का समन्वित प्रशिक्षण दिया जाएगा.
Bihar B.Ed. College : NEP 2020 के अनुरूप बीएड कॉलेजों में नया बदलाव
नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत बीएड कॉलेजों के शिक्षकों के लिए एक्सपेरिमेंटल फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) शुरू किया है. इस पहल का उद्देश्य शिक्षकों को बदलती शिक्षा व्यवस्था के अनुरूप तैयार करना और भारतीय ज्ञान परंपरा को शिक्षण प्रक्रिया में प्रभावी ढंग से शामिल करना है.
Bihar News : भारतीय ज्ञान परंपरा और शिक्षण दर्शन पर होगा विशेष फोकस
प्रशिक्षण कार्यक्रम में भारतीय शिक्षा दर्शन, गुरु-शिष्य परंपरा, मूल्य आधारित शिक्षा और समग्र विकास के सिद्धांतों पर विशेष जोर दिया जाएगा. शिक्षकों को यह भी सिखाया जाएगा कि इन अवधारणाओं को वर्तमान पाठ्यक्रम और कक्षा शिक्षण में व्यावहारिक रूप से कैसे लागू किया जाए.
मल्टी-डिसिप्लिनरी शिक्षा के लिए तैयार होंगे शिक्षक
एनसीटीई के अनुसार, नई शिक्षा नीति में बहुविषयक (मल्टी-डिसिप्लिनरी) शिक्षा को बढ़ावा दिया गया है. ऐसे में शिक्षकों को विभिन्न विषयों के बीच समन्वय स्थापित करने और विद्यार्थियों में व्यापक समझ विकसित करने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा.
आधुनिक तकनीक और नवाचार आधारित शिक्षण पर भी प्रशिक्षण
फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के दौरान शिक्षकों को डिजिटल तकनीकों, नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों और छात्र-केंद्रित कक्षा संचालन के तरीकों से भी परिचित कराया जाएगा. इसका उद्देश्य शिक्षण को अधिक प्रभावी, रोचक और सीखने योग्य बनाना है.
पंचपदी शिक्षण पद्धति पर मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण
कार्यक्रम में पंचपदी शिक्षण पद्धति पर भी विस्तार से प्रशिक्षण दिया जाएगा. इसके तहत विद्यार्थियों की सीखने की प्रक्रिया का आकलन, उनकी रुचि और क्षमता के अनुरूप शिक्षण, संवाद आधारित कक्षा वातावरण, तार्किक सोच और प्रश्न पूछने की प्रवृत्ति को बढ़ावा देने जैसे विषय शामिल होंगे.
शिक्षकों को नई शिक्षा व्यवस्था के अनुरूप तैयार करने की पहल
एनसीटीई का मानना है कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से बीएड कॉलेजों के शिक्षक नई शिक्षा नीति की आवश्यकताओं के अनुरूप बेहतर तरीके से तैयार होंगे. इससे भविष्य के शिक्षकों को भी गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण मिलेगा और स्कूल शिक्षा में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है.
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