Bank Strike: यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) की ओर से शुक्रवार, 11 सितंबर को बुलायी गयी देशव्यापी बैंक हड़ताल का असर बिहार में भी बैंकिंग सेवाओं पर पड़ रहा है. पटना समेत राज्य के सभी जिलों में बैंक कर्मचारियों की भागीदारी के कारण शाखा स्तर पर होने वाले कई काम प्रभावित हैं. खासकर बैंक काउंटर से जुड़े कामकाज में ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
हड़ताल का असर पटना, नालंदा, भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर, गया, जहानाबाद, अरवल, नवादा, औरंगाबाद, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सारण, सीवान, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, बेगूसराय, खगड़िया, भागलपुर, बांका, मुंगेर, लखीसराय, जमुई, शेखपुरा, पूर्णिया, कटिहार, अररिया, किशनगंज, सुपौल, सहरसा, मधेपुरा और शिवहर समेत राज्य के अन्य जिलों में भी बैंक शाखाओं की स्थिति और कर्मचारियों की भागीदारी के अनुसार देखने को मिल रहा है.
आज बैंक में किन सेवाओं पर पड़ रहा असर
हड़ताल के कारण बैंक शाखाओं के काउंटर पर होने वाले कई काम प्रभावित हैं. नकद जमा और निकासी, चेक से जुड़े काम, पासबुक अपडेट, KYC, दस्तावेज जमा करने तथा अन्य शाखा आधारित सेवाओं के लिए ग्राहकों को परेशानी हो सकती है. चेक क्लीयरेंस और बैक-ऑफिस से जुड़े काम में भी देरी की आशंका है.
ATM और UPI पर क्या होगा असर
हड़ताल का मुख्य असर शाखा स्तर की सेवाओं पर है. ATM, UPI, मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग जैसी डिजिटल एवं सेल्फ-सर्विस सुविधाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहने की उम्मीद है. हालांकि ATM में नकदी की उपलब्धता स्थानीय स्तर पर कैश रिफिल और मांग पर निर्भर कर सकती है.
इसलिए रोजमर्रा के भुगतान के लिए ग्राहक UPI और अन्य डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं, जबकि शाखा जाकर किये जाने वाले जरूरी काम बैंक खुलने के बाद किये जा सकेंगे.
पटना से लेकर गांव-कस्बों तक बैंक ग्राहकों पर असर
बैंक हड़ताल का असर शहरी के साथ ग्रामीण क्षेत्रों की शाखाओं में भी कर्मचारियों की भागीदारी के अनुसार अलग-अलग हो सकता है. पटना के अलावा गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, पूर्णिया, दरभंगा, छपरा, हाजीपुर, आरा, बेगूसराय, सीवान, गोपालगंज, मोतिहारी समेत अन्य प्रमुख शहरों और जिलों में शाखा आधारित सेवाएं प्रभावित हो रही हैं.
पांच दिन के बैंकिंग वीक समेत कई मांगों को लेकर हड़ताल
बैंक यूनियनों की प्रमुख मांगों में पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू करना और परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) से जुड़ी मांगों का समाधान शामिल है. मांगों को लेकर बैंक यूनियनों ने देशव्यापी आंदोलन का आह्वान किया है.
11 सितंबर के बाद लगातार तीन दिन प्रभावित रहेगा बैंकिंग कामकाज
11 सितंबर की हड़ताल के बाद 12 सितंबर को दूसरा शनिवार और 13 सितंबर को रविवार है. ऐसे में शाखा आधारित बैंकिंग सेवाओं के लिए ग्राहकों को लगातार तीन दिनों तक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. इस दौरान डिजिटल बैंकिंग सेवाएं ग्राहकों के लिए अहम विकल्प बनी रहेंगी.
28 से 30 सितंबर तक फिर देशव्यापी हड़ताल
बैंक यूनियनों ने आगे भी आंदोलन की चेतावनी दी है. 28 से 30 सितंबर तक फिर तीन दिनों की देशव्यापी हड़ताल प्रस्तावित है. इसके बाद मांगें नहीं मानी गयीं तो 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया गया है.
ग्राहकों को क्या करना चाहिए
जिन ग्राहकों को चेक जमा करने, नकद लेनदेन, KYC, दस्तावेज जमा करने या बैंक शाखा से जुड़े अन्य जरूरी काम कराने हैं, उन्हें शाखा खुलने के बाद काम पूरा करना होगा. वहीं रोजमर्रा के डिजिटल भुगतान के लिए UPI, मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग का इस्तेमाल किया जा सकता है.
