Bihar Vidhansabha Monsoon Session: बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का मुद्दा सदन में जोरदार तरीके से गूंजा. सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई. हाथापाई की नौबत आ गई. इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें सदन के अंदर हंगामा और नारेबाजी साफ दिखाई दे रही है.
सदन शुरू होते ही गूंजे नारे
गुरुवार को विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी विधायकों ने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का मुद्दा उठाया. विपक्ष ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे सदन का माहौल गर्म हो गया.
बीजेपी विधायक बोले- छात्र नहीं, गुंडे थे
हंगामे के बीच बीजेपी विधायक श्याम बाबू यादव ने डाकबंगला चौराहे पर हुए प्रदर्शन का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि प्रदर्शन करने वाले छात्र नहीं, बल्कि गुंडे थे. विधायक ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान उन पर और उनके सुरक्षाकर्मियों पर हमला किया गया.
उन्होंने यह भी कहा कि अगर हालात और बिगड़ते तो उनकी हत्या भी हो सकती थी. उनके मुताबिक प्रदर्शन में राजनीतिक दलों के गुंडे शामिल थे.
बयान के बाद बढ़ गया हंगामा
श्याम बाबू यादव के बयान के बाद सदन का माहौल और गरमा गया. स्पीकर ने उन्हें अपनी सीट पर बैठने को कहा, लेकिन वह वेल तक पहुंच गए. इसके बाद विपक्षी विधायक भी वेल में आ गए. दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई.
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हाथापाई की नौबत, मार्शल ने संभाला मोर्चा
कुछ देर के लिए स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक आमने-सामने आ गए. हाथापाई जैसी नौबत बनने पर मार्शल को हस्तक्षेप करना पड़ा. इसके बाद किसी तरह माहौल शांत कराया गया.
स्पीकर बोले- 'यह सदन है, युद्ध का मैदान नहीं'
लगातार हंगामे के बीच स्पीकर ने सभी सदस्यों से शांति बनाए रखने की अपील की. उन्होंने कहा, "यह सदन है, युद्ध का मैदान नहीं." लेकिन हंगामा नहीं थमा. आखिरकार कार्यवाही शुरू होने के महज आठ मिनट बाद ही विधानसभा की कार्यवाही दोपहर 2.30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.
