Bihar Skill Development Centers Closed: बिहार में करीब 1700 कौशल विकास केंद्रों को बंद किए जाने के विरोध में केंद्र संचालकों ने गुरुवार को पटना में जमकर विरोध प्रदर्शन किया. पहले बड़ी संख्या में संचालक नियोजन भवन पहुंचे और श्रम संसाधन मंत्री से मुलाकात की मांग को लेकर हंगामा किया. इसके बाद प्रदर्शनकारी बीजेपी कार्यालय पहुंच गए. करीब आधे घंटे तक बीजेपी कार्यालय के बाहर डटे रहने के बाद अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती करनी पड़ी. बाद में प्रतिनिधिमंडल ने बीजेपी नेताओं से मुलाकात की और अपनी मांगें रखीं.
नियोजन भवन में मंत्री से मिलने पर अड़े
कौशल विकास केंद्र बंद होने से नाराज संचालक बड़ी संख्या में पटना के नियोजन भवन पहुंचे थे. उन्होंने श्रम संसाधन मंत्री से मुलाकात की मांग की. प्रदर्शनकारियों की भीड़ को देखते हुए मंत्री की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने अंदर से दरवाजा बंद कर दिया. इसके बाद संचालक काफी देर तक गेट के बाहर नारेबाजी करते रहे.
बाद में पांच लोगों के प्रतिनिधिमंडल को मंत्री से मिलने की अनुमति दी गई. प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रों को बंद किए जाने और इससे जुड़े रोजगार के मुद्दे को मंत्री के सामने रखा. हालांकि, मुलाकात और आश्वासन के बाद भी संचालक संतुष्ट नजर नहीं आए. पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच मंत्री को नियोजन भवन से बाहर निकाला गया और इस दौरान प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते रहे.
1700 केंद्र बंद होने का दावा
केंद्र संचालकों के अनुसार, बिहार में करीब 1700 कौशल विकास केंद्र बंद कर दिए गए हैं. इन केंद्रों से 10 हजार से अधिक लोगों के कामकाज जुड़े होने का दावा किया जा रहा है. संचालकों का कहना है कि केंद्र बंद होने से उनके सामने रोजगार और भविष्य को लेकर गंभीर स्थिति पैदा हो गई है.
BJP ऑफिस के बाहर भी डटे संचालक
नियोजन भवन में विरोध के बाद केंद्र संचालक बीजेपी कार्यालय पहुंच गए. प्रदर्शनकारी करीब आधे घंटे तक कार्यालय के बाहर डटे रहे. भीड़ को देखते हुए वहां अतिरिक्त पुलिस बलों की तैनाती की गई.
इसके बाद केंद्र संचालकों के एक प्रतिनिधिमंडल को बीजेपी कार्यालय के अंदर नेताओं से मिलने की अनुमति दी गई. प्रतिनिधिमंडल ने नेताओं के सामने कौशल विकास केंद्रों को दोबारा शुरू कराने की मांग रखी.
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2016 में शुरू हुई योजना फिर चालू करने की मांग
बीजेपी नेताओं से मुलाकात के बाद बाहर निकले संचालकों ने प्रभात खबर से बातचीत में कहा कि उनकी मुख्य मांग कौशल विकास केंद्रों को फिर से चालू कराने की है. संचालकों ने बताया कि यह योजना वर्ष 2016 में नीतीश कुमार के कार्यकाल में शुरू हुई थी, लेकिन बाद में इसे बंद कर दिया गया.
उन्होंने कहा कि केंद्रों को दोबारा शुरू किया जाना चाहिए, ताकि इससे जुड़े लोगों का रोजगार बच सके और युवाओं को कौशल प्रशिक्षण की सुविधा मिलती रहे.
मुख्यमंत्री तक बात पहुंचाने का मिला आश्वासन
संचालकों के प्रतिनिधिमंडल को बीजेपी नेताओं की ओर से आश्वासन दिया गया कि उनकी मांगों और समस्याओं को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी तक पहुंचाया जाएगा. आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शनकारी बीजेपी कार्यालय से वापस लौट गए.
फिलहाल केंद्र संचालक कौशल विकास केंद्रों को दोबारा शुरू किए जाने की मांग पर कायम हैं. उनका कहना है कि सरकार को इस मामले में जल्द ठोस निर्णय लेना चाहिए.
