संवाददाता, पटना बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (बीआइए ) के लिए वर्ष 2025-26 का चुनाव इस बार रोचक मोड़ ले चुका है. संगठन के अध्यक्ष पद के लिए दो और उपाध्यक्ष पद के लिए चार नामांकन पत्र दाखिल किये गये हैं. अगर नामांकन की अंतिम तिथि एक सितंबर के बाद इन पदों के लिए एक अधिक उम्मीदवार मैदान में रह जाते हैं, तो अब तक की तरह निर्विरोध चयन की परंपरा इस बार टूट जायेगी और चुनाव प्रक्रिया अनिवार्य हो जायेगी. सूत्रों के अनुसार, नामांकन की अंतिम तिथि सोमवार तक अध्यक्ष पद के लिए दो दावेदारों ने अपनी दावेदारी प्रस्तुत की है. इनमें रामलाल खेतान और संजय भरतिया का नामांकन पत्र सही पाया गया. इसी तरह उपाध्यक्ष पद के लिए चार लोगों ने नामांकन पत्र दाखिल किया गया हैं, जिनमें इनमें पुरुषोतम अग्रवाल, डीपी सिंह, मुकेश कुमार और महेश अग्रवाल (कमिश्नरी से) शामिल हैं. इसके लिए अलावा महासचिव पद के लिए अमर जायसवाल और कोषाध्यक्ष के लिए अरविंद कुमार का नामांकन आया है. वहीं, 28 कार्यकारिणी सदस्य के लिए 20 सामान्य और आठ अन्य कोटे से नामांकन आया है. ऐसे में संगठन के भीतर चुनावी हलचल तेज हो गयी है. उद्योग जगत से जुड़े सदस्य अब यह जानने को उत्सुक हैं कि नामांकन वापसी की अंतिम तिथि तक कितने प्रत्याशी मैदान में बने रहते हैं. अभी तक बीआइए में पदाधिकारी अक्सर आपसी सहमति और सर्वसम्मति से चुने जाते रहे हैं, जिससे संगठन की एकता और समन्वय की मिसाल पेश होती रही है. लेकिन, इस बार हालात बदलते दिख रहे हैं. उद्योग जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि चुनावी प्रतिस्पर्धा से संगठन की गतिविधियां और भी सशक्त होंगी और नयी टीम के गठन में पारदर्शिता बढ़ेगी. अब सबकी निगाहें नामांकन वापसी की तारीख पर टिकी हुई हैं.
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