Patna News : पटना के पीएमसीएच में 60 वर्षीय कोड़ाई महतो के निधन के बाद उनके बेटे जितेंद्र महतो ने ऐसा फैसला लिया, जिससे दूसरे लोगों की जिंदगी में रोशनी लौटने की उम्मीद जगी है. पिता की मौत के गम के बीच बेतिया निवासी जितेंद्र ने उनका नेत्रदान कराने का निर्णय लिया. परिवार के लिए यह भावुक पल था, लेकिन इसी बीच जितेंद्र ने नेत्रदान का फैसला लेकर मानवीय संवेदना की मिसला पेश की.
आइ बैंक टीम की परामर्श के बाद बनी सहमति
जितेंद्र के इस फैसले में पीएमसीएच आइ बैंक की टीम के ऋषिकेश और गोनू झा की काउंसेलिंग की भी भूमिका रही. टीम ने परिजनों को नेत्रदान की प्रक्रिया और इसके महत्व की जानकारी दी. इसके बाद जितेंद्र ने पिता के कॉर्निया दान करने की सहमति दी.
इमरजेंसी ओटी में पूरा किया गया कॉर्निया रिट्रीवल
नेत्रदान की सहमति मिलने के बाद पीएमसीएच की टीम ने प्रक्रिया पूरी की. डॉ शुभम और डॉ पूजा ने इमरजेंसी ओटी में कॉर्निया निकाला. दान किए गए कॉर्निया से अंधेपन के मरीजों के लिए रोशनी की उम्मीद जगी है.
अधीक्षक ने कहा, भ्रम और अंधविश्वास दूर करना जरूरी
जितेंद्र को सम्मानित करते हुए पीएमसीएच अधीक्षक डॉ राजीव कुमार सिंह ने कहा कि नेत्रदान और अंगदान को लेकर समाज में आज भी कई तरह के भ्रम और अंधविश्वास हैं. इन्हें दूर करना सभी की नैतिक जिम्मेदारी है. पीएमसीएच आइ बैंक लगातार लोगों को नेत्रदान के प्रति जागरूक करने का प्रयास कर रहा है.
इन हेल्पलाइन नंबरों पर कर सकते हैं संपर्क
पीएमसीएच अधीक्षक ने बताया कि नेत्रदान के लिए पीएमसीएच आइ बैंक के मोबाइल नंबर 9783420549, 880411393 और 9318874785 पर संपर्क किया जा सकता है. उन्होंने लोगों से नेत्रदान के प्रति जागरूक होने की अपील की.
