Banka Bhagalpur Road: नीतीश कुमार का वादा पूरा,चौड़ी होगी बांका-भागलपुर सड़क, 199 करोड़ की परियोजना से बदलेंगे हालात

Banka Bhagalpur Road: बांका और भागलपुर के लोगों की वर्षों पुरानी मांग अब पूरी होने जा रही है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जो वादा किया था, वह धरातल पर उतर चुका है. पथ निर्माण विभाग ने सड़क चौड़ीकरण का टेंडर जारी कर दिया है, जिससे क्षेत्र में आवाजाही की तस्वीर पूरी तरह बदलने वाली है.

Banka Bhagalpur Road: बिहार की सड़कों के विकास को लेकर सरकार लगातार काम कर रही है. इसी कड़ी में बांका-भागलपुर मुख्य सड़क को चौड़ा करने की परियोजना को हरी झंडी मिल चुकी है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की घोषणा के बाद अब पथ निर्माण विभाग ने 199 करोड़ रुपये की निविदा जारी कर दी है. 44.300 किलोमीटर लंबी इस सड़क की चौड़ाई सात मीटर से बढ़ाकर दस मीटर की जाएगी. इसके पूरा हो जाने से न केवल बांका और भागलपुर के लोगों को सुविधा होगी, बल्कि पड़ोसी राज्यों तक का सफर भी सुगम बन जाएगा.

प्रगति यात्रा के दौरान नीतीश कुमार ने किया था वादा

बांका जिले के लोगों के लिए यह परियोजना किसी सौगात से कम नहीं है. वर्षों से स्थानीय जनता बांका-भागलपुर मुख्य सड़क के चौड़ीकरण की मांग करती रही थी. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी प्रगति यात्रा के दौरान इस परियोजना का वादा किया था और अब उस वादे को पूरा किया जा रहा है.

पथ निर्माण विभाग की ओर से जारी निविदा में बताया गया है कि सड़क की लंबाई 44.300 किलोमीटर होगी. चौड़ाई बढ़ाकर दस मीटर किए जाने से वाहनों की रफ्तार भी बढ़ेगी और सफर अधिक सुरक्षित व आरामदायक होगा.

अमरपुर बाईपास से मिलेगी राहत

अमरपुर बाईपास का निर्माण इस परियोजना की अहम कड़ी है. अभी तक यात्रियों को अमरपुर बाजार में जाम की समस्या से जूझना पड़ता था. बाईपास बनने के बाद इस समस्या का स्थायी समाधान होगा. विभाग ने इस काम के लिए वन विभाग से 37 हेक्टेयर भूमि पर एनओसी भी प्राप्त कर ली है. इससे साफ है कि प्रशासन परियोजना को लेकर गंभीर है और तेजी से काम आगे बढ़ाना चाहता है.

सड़क चौड़ीकरण परियोजना में केवल सड़क ही नहीं, बल्कि पुल-पुलियों का भी निर्माण होगा. कुल दस छोटी पुलिया और दो बड़े मेगाब्रिज इस परियोजना में शामिल हैं. इनमें एक बांका जिले के इंग्लिश मोड़ पर और दूसरा भागलपुर जिले के रतनगंज के आगे बनाया जाएगा. इन पुलों के बनने से यातायात न केवल सुगम होगा, बल्कि यात्रियों को सुरक्षा का भी भरोसा मिलेगा.

नीतीश कुमार ने प्रगति यात्रा के दौरान इस सड़क का शिलान्यास भी किया था. अब जब यह परियोजना आकार ले रही है, तो न केवल बांका और भागलपुर, बल्कि झारखंड, बंगाल, कोसी और सीमांचल से आने-जाने वाले यात्री और व्यापारी भी लाभान्वित होंगे. सड़क बेहतर होने से क्षेत्रीय व्यापार को भी नई रफ्तार मिलेगी.

36 माह में पूरा होगा काम

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इस सड़क का निर्माण कार्य 36 माह में पूरा कर लिया जाएगा. संवेदक को निर्माण कार्य के बाद पांच वर्षों तक सड़क के रखरखाव की जिम्मेदारी भी दी जाएगी. यानी न केवल निर्माण, बल्कि सड़क की गुणवत्ता बनाए रखने की गारंटी भी तय है.

बांका-भागलपुर सड़क चौड़ीकरण से स्थानीय लोगों को सबसे बड़ा फायदा समय की बचत का होगा. अब तक संकरी सड़क और भारी वाहनों के दबाव के कारण घंटों का सफर तय करने में दुगुना समय लग जाता था. चौड़ी सड़क और बाईपास से यात्रा का समय कम होगा, सड़क दुर्घटनाओं की संभावना घटेगी और ग्रामीण इलाकों से शहर तक का जुड़ाव और मजबूत होगा.

इसके अलावा, यह परियोजना क्षेत्रीय विकास की भी नई राह खोलेगी. सड़क चौड़ीकरण से न केवल स्थानीय व्यापारियों को लाभ मिलेगा, बल्कि पर्यटन और उद्योग की संभावनाएं भी बढ़ेंगी. बांका और भागलपुर दोनों जिलों का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व है. बेहतर सड़क संपर्क इन जिलों को राज्य के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों से भी जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा.

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लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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