Patna News : पटना के खगौल स्थित महिला महाविद्यालय में शुक्रवार को विश्व स्तनपान सप्ताह के मौके पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्या डॉ उषा विद्यार्थी ने की. इस दौरान छात्राओं को स्तनपान के महत्व, मातृ और शिशु स्वास्थ्य पर इसके प्रभाव तथा समाज में इसकी जरूरत को लेकर विस्तार से जानकारी दी गई. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में जागरूकता बढ़ाना और उन्हें समाज में सकारात्मक संदेश देने के लिए प्रेरित करना था.
स्तनपान शिशु के विकास के लिए बेहद जरूरी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्या डॉ उषा विद्यार्थी ने कहा कि स्तनपान शिशु के सर्वांगीण विकास के लिए बेहद जरूरी है. इससे बच्चे को जरूरी पोषण मिलता है और उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है. उन्होंने कहा कि स्तनपान से मां और बच्चे के बीच भावनात्मक जुड़ाव भी मजबूत होता है, जो शिशु के मानसिक विकास के लिए काफी अहम है.
उन्होंने यह भी बताया कि स्तनपान कई तरह की बीमारियों से बचाव में मदद करता है और यह पूरी तरह प्राकृतिक और सुरक्षित प्रक्रिया है. इसलिए समाज में इसके प्रति जागरूकता बढ़ाना समय की बड़ी जरूरत है.
गृह विज्ञान विभाग ने किया आयोजन
यह कार्यक्रम गृह विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष सुमन कुमारी के नेतृत्व में आयोजित किया गया. इस दौरान छात्राओं को स्तनपान के वैज्ञानिक, सामाजिक और स्वास्थ्य से जुड़े पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई. साथ ही संतुलित पोषण और मातृ स्वास्थ्य के बारे में भी चर्चा की गई.
कार्यक्रम में मौजूद छात्राओं को बताया गया कि सही समय पर और सही तरीके से स्तनपान कराने से शिशु का शारीरिक और मानसिक विकास बेहतर होता है. इसके साथ ही मां के स्वास्थ्य पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ता है.
छात्राओं को जागरूकता फैलाने के लिए किया प्रेरित
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को समाज में जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया. उन्हें बताया गया कि वे अपने परिवार और आसपास के लोगों को स्तनपान के फायदे के बारे में जागरूक करें, ताकि मातृ और शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सके.
इस अवसर पर कॉलेज के कई शिक्षकों और छात्राओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई. कार्यक्रम में डॉ बुलबुल कानू, डॉ सालनी, डॉ मधु श्री, डॉ राखी, डॉ अजीता प्रियदर्शिनी, आभा आर्या, रुचिका मेहता, डॉ रीना कुमारी, डॉ चंदा सिंह, डॉ सीमा कुमारी, डॉ किरण और डॉ कबीता कुमारी समेत कई शिक्षक मौजूद रहे. वहीं छात्राओं में वैष्णवी और प्रिया ने भी सक्रिय भूमिका निभाई.
समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने की पहल
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल कॉलेज तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके जरिए समाज में भी सकारात्मक सोच विकसित करने की कोशिश की गई. स्तनपान को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने और सही जानकारी लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया.
