Patna News: (अंबर) पटना केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने एक नया सर्कुलर जारी कर स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों और वरिष्ठ नागरिकों के बीच संबंध मजबूत करने की दिशा में अहम कदम उठाया है. अब स्कूलों की गतिविधियों में दादा-दादी और अन्य बुजुर्गों की भी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी.
स्कूलों को वरिष्ठ नागरिकों को जोड़ने का निर्देश
सीबीएसई ने सभी संबद्ध स्कूलों से कहा है कि वे दादा-दादी और अन्य वरिष्ठ नागरिकों को विभिन्न स्कूल गतिविधियों में आमंत्रित करें. बोर्ड का मानना है कि इससे बच्चों में सम्मान, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी.
राष्ट्रीय पर्वों में भी मिलेगी भागीदारी
सर्कुलर के अनुसार स्कूलों में गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस, बाल दिवस और अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस जैसे अवसरों पर वरिष्ठ नागरिकों को विशेष रूप से आमंत्रित किया जा सकता है. इससे बच्चों को उनके अनुभवों से सीखने का अवसर मिलेगा.
बच्चों और बुजुर्गों के बीच बढ़ेगा भावनात्मक जुड़ाव
सीबीएसई सिटी कोऑर्डिनेटर ऐसी झा ने कहा कि इन कार्यक्रमों के जरिए बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के बीच भावनात्मक संबंध मजबूत होंगे. स्कूलों में विशेष अतिथि के रूप में बुजुर्गों को शामिल कर इंटरैक्शन सेशन भी कराए जाएंगे.
विभिन्न गतिविधियों की भी दी गई सलाह
बोर्ड ने स्कूलों को वॉकाथॉन, जागरूकता कार्यक्रम, सामुदायिक गतिविधियां और संवाद सत्र आयोजित करने की सलाह दी है. इसका उद्देश्य छात्रों और वरिष्ठ नागरिकों के बीच बेहतर समझ और सहयोग को बढ़ावा देना है.
संयुक्त परिवार संस्कृति को मजबूत करने की पहल
सीबीएसई के अनुसार आज के समय में संयुक्त परिवारों का चलन कम हो रहा है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों के बीच दूरी बढ़ रही है. इस पहल के जरिए छात्रों को बुजुर्गों के जीवन अनुभव और सामाजिक मूल्यों को समझने का अवसर मिलेगा.
