-छह विश्वविद्यालयों में ज्वाइनिंग लंबित संवाददाता, पटना आदेश के आठ माह बाद भी राजनीति विज्ञान के सहायक प्रोफेसरों की नियुक्ति अधर में है. बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग द्वारा राजनीति विज्ञान विषय के असिस्टेंट प्रोफेसर का परिणाम 24 जून 2025 को प्रकाशित किया गया था. इसके बाद 4 जुलाई 2025 को सफल अभ्यर्थियों को विश्वविद्यालय आवंटित कर दिये गये. हालांकि आवंटन के बाद उच्च शिक्षा विभाग, बिहार सरकार ने फाइल लंबित रखी, जिससे नियुक्ति प्रक्रिया ठप हो गयी. अभ्यर्थियों के विरोध के बाद 15 दिसंबर 2025 को उच्च शिक्षा विभाग ने राज्य के 12 विश्वविद्यालयों को निर्देश जारी किया कि चयनित अभ्यर्थियों को एक माह के भीतर पदस्थापित किया जाये. यह आदेश शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव अमित कुमार पुष्पक द्वारा सभी विश्वविद्यालयों को भेजे गये पत्र के माध्यम से जारी हुआ था. इसके बावजूद अब तक केवल कुछ विश्वविद्यालयों ने ही दिसंबर-जनवरी में नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की है, जबकि छह विश्वविद्यालयों में ज्वाइनिंग लंबित है. इनमें ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय, पटना विश्वविद्यालय, जयप्रकाश विश्वविद्यालय, मुंगेर विश्वविद्यालय तथा तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय शामिल हैं. अभ्यर्थियों का आरोप है कि आठ माह बीत जाने के बावजूद आधे विश्वविद्यालयों में नियुक्ति नहीं होने से वे अपने ही बैच के अन्य चयनित उम्मीदवारों से वरिष्ठता में पीछे हो गये हैं. अनुभव का लाभ भी उन्हें नहीं मिल पा रहा है. सफल अभ्यर्थियों ने कई बार उच्च शिक्षा विभाग को पत्राचार किया, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से ठोस पहल नहीं हुई.
आठ माह बाद भी राजनीति विज्ञान के सहायक प्रोफेसरों की नियुक्ति अधर में
आदेश के आठ माह बाद भी राजनीति विज्ञान के सहायक प्रोफेसरों की नियुक्ति अधर में है.
