सबसे अधिक 67% लाभ उठा रहे पिछड़ा वर्ग के आवेदक

प्राइम मिनिस्टर फॉर्मेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग इंटरप्राइजेज (पीएमएफएमइ) स्कीम के तहत चयनित लाभार्थियों में सबसे अधिक आवेदन 67.30 % पिछड़ा वर्ग के आये हैं.

पीएमएफएमइ योजना संवाददाता,पटना प्राइम मिनिस्टर फॉर्मेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग इंटरप्राइजेज (पीएमएफएमइ) स्कीम के तहत चयनित लाभार्थियों में सबसे अधिक आवेदन 67.30 % पिछड़ा वर्ग के आये हैं. सामान्य और अनुसूचित जाति के आवेदनों की संख्या क्रमश: 18.39 % और 13.22 % है. खास बात यह है कि इस योजना में अभी अनुसूचित जनजाति के लोगों के आवेदन नहीं आये हैं. उद्योग विभाग की आधिकारिक जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष में 2025-2026 में कुल 1890 आवेदन आये हैं. इसमें 165 लोन केस मंजूर किये जा चुके हैं. शेष आवेदनों की मंजूरी के लिए सत्यापन किया जा रहा है. पिछले पांच साल में बिहार में 15661 लोन केस मंजूर किये जा चुके हैं. वित्तीय वर्ष 2025-26 में 171, 2024-25 में 6784, 2023-24 में 7372, 2022-23 में 1332 और 2021-22 में केवल दो आवेदन ही मंजूर किये गये थे. पीएमएफएमइ योजना के तहत एक जिला एक उत्पाद में आवेदन मांगे जाते हैं. इस योजना का मकसद देश के सभी जिलों में संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देना है. इस पहल का उद्देश्य देश के प्रत्येक जिले (एक जिला-एक उत्पाद) से कम- से- कम एक उत्पाद का चयन करके ब्रांडिंग करनी है. इसमें पिछले पांच साल में अभी तक 4472 आवेदन आये हैं. इस योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-2026 में 73, 2024-25 में 1240, 2023-24 में 1618, 2022-23 में 1208, 2021-22 में 333, 2020-21 में 1 आवेदन आया था. टॉप फाइव जिले, जहां इस योजना में सबसे ज्यादा हुए काम जिलायोजना पटना2026 समस्तीपुर1244 मुजफ्फरपुर1135 वैशाली1000 गया968

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