44 हजार का iPhone नहीं लौटाना एप्पल को पड़ा महंगा, उपभोक्ता आयोग ने नए फोन या 1.46 लाख रुपये लौटाने का दिया आदेश

44,300 रुपये में खरीदा iPhone बार-बार हैंग होने पर भी एप्पल ने वापस नहीं लिया. उपभोक्ता आयोग ने कंपनी को उसी मॉडल का नया iPhone या ब्याज सहित पूरी राशि लौटाने का आदेश दिया है. मानसिक प्रताड़ना और मुकदमे का खर्च भी देना होगा.

Apple Consumer Case : पटना जिला उपभोक्ता आयोग ने iPhone की खराबी दूर नहीं करने और सर्विस सेंटर में जमा मोबाइल ग्राहक को वापस नहीं लौटाने के मामले में एप्पल इंडिया और उसके अधिकृत सर्विस सेंटर को सेवा में कमी का दोषी माना है. आयोग ने कंपनी को उसी मॉडल का नया iPhone देने या ब्याज समेत पूरी राशि लौटाने का आदेश दिया है.

44 हजार रुपये में खरीदा था iPhone, बार-बार होने लगा हैंग

यह मामला गया जिले के करण कुमार से जुड़ा है. उन्होंने बाबा कंप्यूटर्स के माध्यम से 44,300 रुपये में iPhone खरीदा था. कुछ ही समय बाद फोन बार-बार हैंग होने लगा और ठीक से काम करना बंद कर दिया. शिकायत के बाद उन्होंने 13 जुलाई 2015 और 1 अगस्त 2015 को पटना स्थित अधिकृत सर्विस सेंटर में फोन जमा कराया, लेकिन न तो फोन ठीक किया गया और न ही वापस लौटाया गया. इसके बाद उन्होंने उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया.

सर्विस सेंटर दावा साबित नहीं कर सका

सुनवाई के दौरान एप्पल इंडिया और सर्विस सेंटर ने दावा किया कि फोन ठीक कर ग्राहक को वापस दे दिया गया था. हालांकि आयोग के समक्ष कंपनी ऐसा कोई दस्तावेज या रसीद प्रस्तुत नहीं कर सकी, जिससे यह साबित हो सके कि ग्राहक ने फोन प्राप्त किया था. आयोग ने रिकॉर्ड की जांच में पाया कि सर्विस सेंटर के कर्मचारी के हस्तलिखित नोट के अनुसार फोन अब भी सर्विस सेंटर में ही रखा हुआ है.

नया iPhone या ब्याज समेत पूरी राशि लौटाने का आदेश

आयोग के अध्यक्ष प्रेम रंजन मिश्रा और सदस्य रजनीश कुमार की पीठ ने आदेश दिया कि कंपनी ग्राहक को उसी मॉडल का नया iPhone उपलब्ध कराए. यदि ऐसा संभव नहीं है तो 44,300 रुपये की मूल राशि 13 अगस्त 2015 से 16 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ लौटाई जाए. ब्याज जोड़ने पर यह राशि करीब 1.46 लाख रुपये तक पहुंचती है.

मानसिक प्रताड़ना और मुकदमे का खर्च भी देना होगा

आयोग ने कंपनी को मानसिक प्रताड़ना के लिए 15 हजार रुपये और मुकदमे के खर्च के रूप में 10 हजार रुपये अतिरिक्त देने का भी आदेश दिया है. साथ ही स्पष्ट किया गया है कि यदि 120 दिनों के भीतर आदेश का पालन नहीं किया गया तो कंपनी पर अतिरिक्त पेनाल्टी भी लगाई जाएगी.


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सितंबर 2023 से पटना में प्रभात खबर से जुड़कर प्रिंट और डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. कला, साहित्य-संस्कृति, नगर निगम और स्मार्ट सिटी से जुड़ी खबरों पर प्रमुखता से काम किया है. महिला, युवा और जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाना प्राथमिकता में शामिल है. व्यक्तिगत तौर पर किताबें पढ़ना और नई जगहों को एक्सप्लोर करना अच्छा लगता है.
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