पटना में फोरलेन निर्माण के बीच आई जमीन की बाधा, DM को सौंपी जाएगी मालिकाना हक की रिपोर्ट

Amas Darbhanga Fourlane: आमस-दरभंगा फोरलेन के तहत रामनगर-कच्ची दरगाह मार्ग में 30 एकड़ जमीन के मालिकाना हक को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. फतुहा और दीदारगंज में रैयत अपना दावा कर रहे हैं, जबकि प्रशासन इसे सरकारी जमीन बता रहा है. जांच रिपोर्ट के बाद ही तय होगा कि मुआवजा मिलेगा या जमीन सीधे ट्रांसफर होगी.

Amas Darbhanga Fourlane: भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत आमस-दरभंगा फोरलेन निर्माण में पटना जिले में रामनगर से कच्ची दरगाह के बीच जमीन अधिग्रहण का काम हो रहा हैं. फतुहा और दीदारगंज अंचल में प्रोजेक्ट के रूट में जमीन अधिग्रहण में लगभग 30 एकड़ जमीन को लेकर रैयती या सरकारी जमीन होने की जांच होनी है. रैयत उस जमीन पर अपना दावा कर रहे हैं. जिला प्रशासन की ओर से उस जमीन को सरकारी जमीन होने की बात कही जा रही है.

पटना सिटी के डीसीएलआर करेंगे

जमीन में फंसे पेच की जांच पटना सिटी के डीसीएलआर करेंगे. जांच के बाद डीएम को रिपोर्ट सौंपी जायेगी. मिली जानकारी के अनुसार रैयतों से उस जमीन के कागजात मांगे जाने पर कागजात नहीं जमा किया जा रहा है. वहीं जिला प्रशासन की ओर से सरकारी जमीन का दावा किये जाने को लेकर कागजातों को खंगाला जा रहा है.

जमीन अधिग्रहण में हो रही बाधा

सूत्र ने बताया कि फतुहा और दीदारगंज अंचल में जिला प्रशासन की ओर से जमीन का सीमांकन होने के बावजूद जमीन अधिग्रहण में बाधा हो रही है. जानकारों के अनुसार फतुहा अंचल में लगभग 25 एकड़ जमीन बकास्त या गैर मालिक हैं. वहीं दीदारगंज अंचल में पांच एकड़ जमीन बकास्त है.

संबंधित जमीन को लेकर दावेदार रैयतों को नोटिस किया गया है. रैयतों की ओर से दिये गये कागजात के आधार पर उसकी जांच की जा रही है. इस जमीन के रैयती या सरकारी होने से संबंधित रिपोर्ट पटना सिटी डीसीएलआर को देनी है. इसके बाद ही अंतिम रूप से निर्णय लिया जायेगा. रैयती जमीन होने पर रैयतों को मुआवजा भुगतान होगा. सरकारी जमीन होने पर केवल स्थानांतरित किया जायेगा.

बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें

मुआवजा भुगतान में हो रही देरी

रामनगर-कच्ची दरगाह एनएच-119 डी सड़क निर्माण में रैयतों को मुआवजा भुगतान में देरी हो रही है. फोरलेन निर्माण के लिए 187 एकड़ जमीन की जरूरत है. इसके लिए रैयतों को लगभग 207 करोड़ मुआवजा भुगतान होना है. जानकारी के अनुसार मुआवजा के लिए 55 रैयतों को मात्र 10.67 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है.

इसे भी पढ़ें: अजगैवीनाथ धाम ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट पर आया अपडेट, टेंडर जारी, सरकार का मेगा प्लान तैयार

TRE-4 भर्ती में मैथ और साइंस शिक्षकों की कमी होगी दूर, ESW रिजर्वेशन पर सरकार ने साफ किया रुख

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >