अमन शुक्ला को बेऊर जेल से मिली थी हत्या की धमकी, बदल दिया था आवासीय ठिकाना
बैंक लूटकांड के आरोपित अमन शुक्ला की हत्या के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है.
संवाददाता, पटना
बेऊर जेल से एक सप्ताह पहले मिली थी धमकी
सूत्रों के अनुसार, जांच में यह बात सामने आयी है कि नालंदा जिले के सरमेरा थाने के मलामा गांव निवासी अमन शुक्ला काे बेऊर जेल से एक सप्ताह पहले हत्या करने की धमकी मिली थी. वह मीठापुर में एक अपार्टमेंट में किराये पर फ्लैट लेकर पत्नी व बच्चे के साथ रह रहा था. लेकिन, बीते शनिवार से बोरिंग रोड में रह रहा था. बोरिंग रोड से ही वह अपने बच्चे को दिखाने के लिए मलाही पकड़ी स्थित एक अस्पताल ले गया, जहां मुन्नाचक से ही बदमाशों ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया और पत्रकार नगर थाने के विद्यापुरी पार्क के पास ओवरटेक कर क्लोज रेंज से सिर में दो गोलियां मार दीं. बदमाशों की तस्वीर भी सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में कैद हुई है. दोनों बदमाश हेलमेट में थे और मास्क लगाये हुए थे. फुटेज में कैद हुई तस्वीर सोमवार की शाम 6:01 बजे की है. जिस तरह से इस घटना को अंजाम दिया गया है, उससे स्पष्ट है कि मारने वाले अमन शुक्ला की हर गतिविधि को जानते थे. अमन अपने विकलांग बेटे की फिजियोथेरेपी कराने के लिए हर सोमवार को जाता था. इससे यह स्पष्ट है कि अमन शुक्ला के किसी करीबी ने ही इस घटना को अंजाम दिया है. पुलिस को यह भी जानकारी मिल चुकी है कि जेल से उसे किसने धमकी दी थी. जांच के लिए पुलिस बेऊर जेल भी जायेगी और उस कुख्यात से पूछताछ करेगी.अमन के साथ ही धमकी वाले नंबर की सीडीआर निकाल कर रही जांच
पुलिस ने अमन के साथ ही उस नंबर की भी सीडीआर निकाल ली है, जिससे धमकी दी गयी थी. वह नंबर किसके नाम पर है और कहां से ऑपरेट हो रहा है, इसकी जानकारी ली जा रही है. सीडीआर से भी पुलिस को अहम जानकारियां हाथ लगी हैं. बेटे का इलाज करा लौटने के दौरान कर दी गयी थी अमन की हत्यासोमवार की शाम एक बाइक पर सवार दो बदमाशों ने अमन शुक्ला की गोली मार कर हत्या कर दी थी. अमन अपनी पत्नी नेहा व आठ वर्षीय बेटे अक्षय के साथ मलाही पकड़ी स्थित एक अस्पताल गया था. जहां से वह बेटे की फिजियोथेरापी कराने के बाद लौट रहा था और पत्नी व बेटे के सामने ही अमन की हत्या कर दी गयी. इसने अपने गिराेह के साथ जून, 2020 में बेऊर थाना इलाका स्थित पीएनबी की अनिसाबाद शाखा से 52.38 लाख की लूट की थी और पिछले साल 2025 में मई माह में जेल से छूटा था. इसके बाद उसने सिक्योरिटी एजेंसी बनायी और लोगों को गार्ड व बाउंसर उपलब्ध कराता था. यह पहले अंग्रेजी का शिक्षक था.
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