Patna News : पटना में एक बैंक ग्राहक ने बैंक की कथित लापरवाही के कारण 4.95 लाख रुपये की साइबर ठगी होने का आरोप लगाते हुए राशि वापस करने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है. फुलवारी निवासी सुनील कुमार ने इस संबंध में बैंक और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है.
साइबर जोखिम की सूचना के बाद फ्रीज कराया था खाता
सुनील कुमार ने बताया कि उनकी दिवंगत मां स्व. चन्द्रज्योति देवी के बचत खाते में साइबर फ्रॉड की आशंका होने पर 17 जुलाई को बैंक की हेल्पलाइन पर सूचना देकर खाता फ्रीज कराया गया था. उनका दावा है कि बैंक को पहले से ही खाते पर साइबर जोखिम की जानकारी थी.
अनफ्रीज हुआ खाता, लेकिन नहीं हुआ राशि का स्थानांतरण
शिकायतकर्ता के अनुसार, 27 जुलाई को उन्होंने पटना मेन शाखा पहुंचकर लिखित आवेदन दिया था कि खाते को केवल इतनी देर के लिए अनफ्रीज किया जाए, जिससे पूरी राशि उनके दूसरे सुरक्षित खाते में स्थानांतरित की जा सके. आरोप है कि बैंक ने खाता तो अनफ्रीज कर दिया, लेकिन राशि ट्रांसफर के लिए दिए गए आवेदन पर तत्काल कार्रवाई नहीं की.
नौ ट्रांजैक्शन में उड़ा दिए 4.95 लाख रुपये
सुनील कुमार का आरोप है कि उसी रात इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से उनके खाते से नौ अनधिकृत ऑनलाइन ट्रांजैक्शन कर कुल 4 लाख 95 हजार 500 रुपये निकाल लिए गए. उनका कहना है कि यदि बैंक समय पर उनके आवेदन पर कार्रवाई कर देता तो यह नुकसान टाला जा सकता था.
फ्रॉड मॉनिटरिंग सिस्टम पर भी उठाए सवाल
शिकायतकर्ता ने सवाल उठाया कि लगातार नौ संदिग्ध ऑनलाइन लेन-देन होने के बावजूद बैंक की फ्रॉड मॉनिटरिंग और ट्रांजैक्शन रिस्क मॉनिटरिंग प्रणाली ने कोई सुरक्षा हस्तक्षेप क्यों नहीं किया.
बैंक और साइबर पोर्टल पर दर्ज कराई शिकायत
घटना के बाद 28 जुलाई को सुनील कुमार ने बैंक में लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसे बैंक के आंतरिक पोर्टल पर दर्ज किया गया. इसके साथ ही राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत कर मामले की जांच और राशि वापस कराने की मांग की गई है.
