एम्स पटना में हिंदी प्रतिज्ञा समारोह, राजभाषा के प्रयोग को बढ़ावा देने का संकल्प लिया

एम्स पटना में हिंदी पखवाड़ा के अवसर पर एक विशेष प्रतिज्ञा समारोह आयोजित किया गया. इसका मुख्य उद्देश्य कार्यालयीन कामकाज में राजभाषा हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देना और कर्मचारियों को इसके प्रभावी कार्यान्वयन के लिए प्रेरित करना था.

Hindi Fortnight at AIIMS Patna : फुलवारी शरीफ स्थित एम्स पटना में हिंदी पखवाड़ा 2026 के तहत सोमवार को प्रशासनिक भवन स्थित कमेटी रूम में हिंदी प्रतिज्ञा समारोह आयोजित किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य संस्थान के दैनिक कार्यालयीन कार्यों में राजभाषा हिंदी के प्रगतिशील प्रयोग को बढ़ावा देने के साथ अधिकारियों और कर्मचारियों में हिंदी के प्रभावी कार्यान्वयन के प्रति प्रतिबद्धता मजबूत करना था.

अधिकारियों और कर्मचारियों ने ली हिंदी प्रतिज्ञा

समारोह में कार्यकारी निदेशक प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल, उप निदेशक प्रशासन नीलोत्पल बल, डीन अकादमिक प्रो. डॉ. पूनम प्रसाद भदानी, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. डॉ. प्रशांत कुमार सिंह समेत विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, चिकित्सक, प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे.

इस अवसर पर अधिकारियों और कर्मचारियों ने राजभाषा हिंदी के प्रगतिशील प्रयोग एवं प्रभावी कार्यान्वयन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए हिंदी प्रतिज्ञा ली. सभी ने कार्यालयीन पत्राचार, टिप्पण, आदेश और अन्य कार्यों में नियमानुसार हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने तथा सहकर्मियों को भी हिंदी में कार्य करने के लिए प्रोत्साहित करने का संकल्प लिया.

कार्यालयीन कामकाज में हिंदी के व्यापक प्रयोग पर जोर

प्रतिज्ञा के दौरान एम्स पटना में राजभाषा हिंदी के प्रयोग को अधिक व्यापक, सहज और प्रभावी बनाने में सक्रिय सहयोग देने का संकल्प लिया गया. अधिकारियों और कर्मचारियों ने राजभाषा संबंधी प्रावधानों के अनुरूप अपने कार्यालयीन दायित्वों का निर्वहन करने की प्रतिबद्धता भी जतायी.

मरीजों से संवाद में सरल भाषा जरूरी : निदेशक

कार्यकारी निदेशक प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल ने कहा कि हिंदी केवल संचार का माध्यम नहीं, बल्कि जनसामान्य को संस्थान से जोड़ने का सशक्त माध्यम भी है. स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े संस्थान में सरल और सहज भाषा का प्रयोग मरीजों एवं उनके परिजनों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

उन्होंने कहा कि मरीजों और आम लोगों तक स्वास्थ्य संबंधी जानकारी सरल भाषा में पहुंचाना संस्थान की प्राथमिकताओं में शामिल होना चाहिए. हिंदी के अधिक से अधिक प्रयोग से कार्यालयीन कार्यों के साथ मरीजों और उनके परिजनों के साथ संवाद को भी सहज बनाया जा सकता है.

हिंदी को कार्य संस्कृति का हिस्सा बनाने पर जोर

हिंदी प्रतिज्ञा समारोह के माध्यम से एम्स पटना ने राजभाषा हिंदी को संस्थान की कार्य संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बनाने तथा मरीजों, परिजनों और आमजन के साथ सरल, सहज एवं प्रभावी संवाद सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहरायी.

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By अजीत कुमार

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