नालंदा विवि और बिहार संग्रहालय के बीच हुआ एकरारनामा

इस एकरारनामे का मुख्य उद्देश्य आपसी सहयोग और शैक्षिक आदान-प्रदान को मजबूत करना है.

-विश्वविद्यालय के छात्रों को बिहार संग्रहालय में प्रदर्शित पुरावशेषों और कलाकृतियों पर आधारित शोध करने में सहयोग मिलेगा संवाददाता,पटना गुरुवार को नालंदा विश्वविद्यालय और बिहार संग्रहालय पटना के बीच एकरारनामा हुआ. बिहार संग्रहालय के महानिदेशक अंजनी कुमार सिंह और नालंदा विश्वविद्यालय राजगीर के रजिस्ट्रार डॉ आरपी सिंह परिहार ने इस पर हस्ताक्षर किया. इस एकरारनामे का मुख्य उद्देश्य आपसी सहयोग और शैक्षिक आदान-प्रदान को मजबूत करना है. इस एकरारनामा के तहत दोनों संस्थान संयुक्त रूप से शैक्षिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का संचालन करेंगे. इन संयुक्त कार्यक्रमों और प्रदर्शनियों में कार्यशाला, सम्मेलन, संगोष्ठियों और प्रकाशनों का संचालन, शोध व क्षमता निर्माण कार्यक्रमों का संचालन, कलाकृतियों का डाटाबेस तैयार करना और महत्वपूर्ण दस्तावेजों का डिजिटलीकरण शामिल है. इसके अतिरिक्त, धरोहर और ऐतिहासिक कलाकृतियों से संबंधित शैक्षिक आदान-प्रदान को विशेष महत्व दिया जायेगा. साथ ही, दोनों पक्ष आपसी सहमति से अन्य गतिविधियों को भी आगे बढ़ायेंगे, जो दोनों संस्थानों के लिए उपयोगी होगा. यह एकरारनामा दोनों संस्थानों के बीच सहयोग की भावना को और मजबूत करेगा. साथ ही विश्वविद्यालय के छात्रों को बिहार संग्रहालय में प्रदर्शित पुरावशेषों और कलाकृतियों पर आधारित शोध करने में सहयोग मिलेगा, जिसमें बिहार संग्रहालय में कार्यरत पदाधिकारी आवश्यक सहयोग करेंगे. इस अवसर पर नालंदा विश्वविद्यालय राजगीर के कुलपति प्रो सचिन चतुर्वेदी और बिहार संग्रहालय पटना के प्रभारी अपर निदेशक रणबीर सिंह राजपूत और फोटोग्राफर रंजीत कुमार मौजूद थे.

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Author: JUHI SMITA

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