पटना हाइकोर्ट ने भेजा MLC को नोटिस, सदस्यता खतरे में

पटना : पटना उच्च न्यायालय की एक पीठ के न्यायमूर्ति अहसान अमानुल्लाह ने बुधवार को विधान परिषद के सदस्य सुबोध कुमार से जवाब मांगा है कि क्या उन्होंने विधान परिषद के सदस्य के निर्वाचन के लिए आवेदन के समय अपने खिलाफ किसीअपराधिक मुकदमे को छिपाने की कोशिश की थी. एकल पीठ ने यह आदेश अजय […]

पटना : पटना उच्च न्यायालय की एक पीठ के न्यायमूर्ति अहसान अमानुल्लाह ने बुधवार को विधान परिषद के सदस्य सुबोध कुमार से जवाब मांगा है कि क्या उन्होंने विधान परिषद के सदस्य के निर्वाचन के लिए आवेदन के समय अपने खिलाफ किसीअपराधिक मुकदमे को छिपाने की कोशिश की थी. एकल पीठ ने यह आदेश अजय कुमार कुशवाहा की रिट याचिका के सुनवाई के दौरान दी. उसमें निर्वाचन आयोग को आदेश देने की गुजारिश की गयी है कि ये सुबोध कुमार का निर्वाचन रद्द करे.

वहीं अपने एक दूसरे फैसले में पटना उच्च न्यायालय ने बुधवार को गन्ना विभाग के प्रधान सचिव को तीन हफ्ते के अंदर पूर्वी चंपारण जिला की गन्ना किसानों के 11.9 करोड़ बकाये रुपये को चीनी मिलों द्वारा दिलवाये जाने का आदेश दिया है.कार्यकारी मुख्य न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता तथा न्यायमूर्ति सुधीर सिंह ने बुधवार को यह आदेश गन्ना किसान मनजीत सिंह की जनहित याचिका पर पारित किया. खंडपीठ ने गन्ना विभाग के प्रधान सचिव को आदेश दिया कि यदि वे गन्ना किसानों के बकाये राशि को दिलवाने में सफल नहीं हो पाते हैं तो वे तीन सप्ताह के बाद कोर्ट में उपस्थित होकर बतायें कि ऐसा क्यों नहीं किया गया.

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