कॉपी व प्रश्नपत्र पड़े कम दूसरे केंद्र से चलाया काम

इंटर परीक्षा. केंद्राधीक्षक की सूझ-बूझ से दूर हुई समस्या पटना : इंटर की परीक्षा शुरू होनी थी. प्रश्नपत्र और उत्तरपुस्तिका की गिनती की जा रही थी. तभी पता चला कि परीक्षा केंद्र पर जितने परीक्षार्थी है, उससे कम उत्तर पुस्तिका और प्रश्नपत्र है. फिर क्या था केंद्राधीक्षक ने तुरंत बगलवाले परीक्षा केंद्र से संपर्क किया […]

इंटर परीक्षा. केंद्राधीक्षक की सूझ-बूझ से दूर हुई समस्या
पटना : इंटर की परीक्षा शुरू होनी थी. प्रश्नपत्र और उत्तरपुस्तिका की गिनती की जा रही थी. तभी पता चला कि परीक्षा केंद्र पर जितने परीक्षार्थी है, उससे कम उत्तर पुस्तिका और प्रश्नपत्र है. फिर क्या था केंद्राधीक्षक ने तुरंत बगलवाले परीक्षा केंद्र से संपर्क किया और उत्तर पुस्तिका के साथ प्रश्नपत्र का इंतजाम किया.
पटना जिले के कई परीक्षा केंद्रों पर यह दिक्कत बुधवार को भाषा की परीक्षा शुरू होने के समय आयी. लेकिन, केंद्राधीक्षक की सूझ-बूझ से इसको खत्म कर दिया गया. परीक्षा केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार समिति कार्यालय से जो उत्तर पुस्तिका और प्रश्नपत्र का बंडल भेजा गया था, उस बंडल में संख्या से कम उत्तर पुस्तिका और प्रश्नपत्र थे. इस कारण दिक्कत आयी.
27 परीक्षार्थियों को किया गया निष्कासित : पटना जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों से 27 परीक्षार्थियों को निष्कासित किया गया. प्रथम पाली में 16 और द्वितीय पाली में 11 परीक्षार्थी को निष्कासित किया गया. इसमें पालीगंज से 10, पटना सिटी से 4, बाढ़ और दानापुर से एक-एक परीक्षार्थी शामिल हैं.
इसके अलावे 11 परीक्षार्थी पटना सदर के कई परीक्षा केंद्रों से निष्कासित किये गये हैं. पालीगंज से एसडी पब्लिक स्कूल से मुन्नी बहन पकड़ी गयी. छात्रा नीतू कुमारी की जगह उसकी बहन परीक्षा दे रही थी.
फर्जी प्रश्नपत्र वायरल मामले में कोतवाली थाने में प्राथमिकी, सीतामढ़ी से जुड़े हैं तार : इंटर का गलत प्रश्नपत्र वायरल करने के मामले में कोतवाली थाने में अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है.
साथ ही अनुसंधान शुरू कर दिया गया है और प्रश्नपत्र वायरल मामले के तार सीतामढ़ी से जुड़ रहे हैं. सीतामढ़ी से ही सबसे पहले प्रश्नपत्र वायरल होने की जानकारी पुलिस को मिली है. कमिश्नर आनंद किशोर ने प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था. बुधवार को इंटर काउंसिल के प्रशाखा पदाधिकारी विपिन कुमार सिंह के बयान पर आइटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है. केस का सुपरविजन विधि व्यवस्था डीएसपी डाॅ नोमानी करेंगे. पुलिस की नजर उन इलाकों पर है, जहां छात्रावास अधिक हैं, क्योंकि वहींं से सेटिंग करनेवाले गिरोह गलत प्रश्नपत्र वायरल करते हैं.
मैट्रिक : 28 छात्रों का डबल रजिस्ट्रेशन, बोर्ड ने 20 तक मांगे साक्ष्य
पटना. परीक्षार्थी एक और रजिस्ट्रेशन दो स्कूलों से. ऑनलाइन परीक्षा फाॅर्म में प्रदेश भर के 28 परीक्षार्थी ऐसे सामने आयें हैं, जिनका रजिस्ट्रेशन दो बार हो गया है. इनके एडमिट कार्ड रोक दिये गये हैं.
समिति कार्यालय ने इन 28 परीक्षार्थियों से अपने सही कॉलेज के नाम और उसका साक्ष्य जमा करने काे कहा है. साक्ष्य जमा करने पर ही उन्हें एडमिट कार्ड दिया जायेगा. इसके लिए समिति ने 20 फरवरी तक का समय दिया है. साक्ष्य जमा नहीं करने पर रजिस्ट्रेशन रद्द हो जायेगा. जिन 28 परीक्षार्थियों ने दो स्कूलों से रजिस्ट्रेशन करवाये हैं, उनका विद्यालय कोड और कोटि भी दो हो गयी है. इन परीक्षार्थियों की सूची समिति ने जारी कर इसे स्पष्ट करने को कहा है.
मैट्रिक का एडमिट कार्ड हुआ अपलोड : बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने मैट्रिक के एडमिट कार्ड समिति की वेबसाइट पर अपलोड कर दिये हैं. स्कूल के प्राचार्य एडमिट कार्ड यूजर आइडी आैर पासवर्ड डाल कर डाउनलोड करेंगे. ज्ञात हो कि मैट्रिक की परीक्षा एक से सात मार्च तक चलेगी. इसमें 17 लाख परीक्षार्थी शामिल होंगे. समिति की ओर से निर्देश दिया गया है कि एडमिट कार्ड में किसी तरह की गड़बड़ी हो, तो उसे प्राचार्य अपने स्तर से सही करके परीक्षार्थियों को परीक्षा में शामिल करवाएं.
18 फरवरी तक प्राचार्य करें सुधार : मैट्रिक का एडमिट कार्ड में विषय, लिंग और परीक्षा संबंधित कोई त्रुटि हो तो उसे प्राचार्य ऑन लाइन सुधार करेंगे. इसके लिए बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने प्राचार्यों को 18 फरवरी तक का समय दिया है. समिति की माने तो समिति का पोर्टल 18 फरवरी के पांच बजे शाम तक खुला रहेगा.
बुधवार को परीक्ष्रा के दूसरे दिन प्रथम पाली में भाषा की परीक्षा के दौरान बहन के बदले परीक्षा दे रही छात्रा पकड़ी गयी. साथ ही कदाचार करने के आरोप में चार छात्राओं को परीक्षा से निष्कासित किया गया है.
दुल्हिनबाजार में बनाये गये परीक्षा केंद्र एसडी पब्लिक स्कूल रकसिया में अपनी बहन नीतू कुमारी के बदले परीक्षा दे रही रेखा कुमारी पकड़ी गयी. नीतू कुमारी उच्च माध्यमिक विद्यालय सिकरिया की छात्रा है, जिसका क्रमांक 17030053 और रोल कोड 17126 है. वहीं, मामले की पुष्टि करते हुए पालीगंज के एसडीओ विनोद प्रसाद ने बताया कि दुल्हिनबाजार के पारसनाथ कुशवाहा कॉलेज अछूआ से दो और वंशीधारी उच्च विद्यालय भरतपुरा से दो छात्रा कदाचार करने के आरोप में निष्कासित की गयी.
वहीं, एसडी पब्लिक स्कूल के केंद्राधीक्षक जुबेर अंसारी ने बताया कि पकड़ी गयी छात्रा रेखा कुमारी पालीगंज के सिकरिया गांव निवासी विंदेश्वर यादव की पुत्री है. उसके खिलाफ दुल्हिनबाजार थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी है. पकड़ी गयी छात्रा रेखा कुमारी को पुलिस के हवाले कर दिया गया है.
पटना. तीसरे दिन गुरुवार को साइंस, आर्ट्स और वोकेशनल कोर्स स्टीम के परीक्षार्थियों की परीक्षा ली जायेगी. प्रथम पाली में फिजिक्स और आर्ट्स स्टीम के योगा और फिजिकल एजुकेशन विषय की परीक्षा होगी. वहीं दूसरी पाली में हिस्ट्री और वोकेशनल कोर्स का इंगलिश विषय की परीक्षा आयोजित होगी. इसमें सबसे ज्यादा फिजिक्स में 6 लाख 58 हजार 666 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे. वहीं हिस्ट्री में तीन लाख 85 हजार 667 परीक्षार्थी शामिल होंगे.
डीएम ने राम मनोहर राय सेमिनरी स्कूल में चल रहीं दो कोचिंग को कराया सील : जिलाधिकारी संजय कुमार अग्रवाल ने राममोहन राय सेमिनरी और बी.एन. कॉलेजिएट में चल रही इंटरमीडिएट परीक्षा का निरीक्षण किया. इस दौरान राममोहन राय सेमिनरी स्कूल परिसर में चल रहे केडी कैंपस व किरण कोचिंग को सील करने का निर्देश दिया. श्री अग्रवाल ने अनुमंडल पदाधिकारी, पटना सदर एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया है कि तत्काल मामले की जांच करें कि किस परिस्थिति में परिसर में कोचिंग चल रहा था. उनके निर्देश के आलोक में प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी द्वारा प्राथमिकी दर्ज की गयी और कोचिंग संस्थान को सील करते हुए उसे थाना के सपुर्द कर दिया गया.
धोखाधड़ी कर जनहित याचिका दायर करने वाले पर एक लाख का जुर्माना
पटना : पटना उच्च न्यायालय ने झाउगंज पटना सिटी के राजीव कुमार को धोखाधड़ी कर जनहित याचिका दायर करने के आरोप में एक लाख रुपये का जुर्माना किया है. जुर्माने की रकम सात दिनों में जमा कराने काे कहा है.
आरोपित युवक पर चाणक्या सिनेमा भवन परिसर में चाणक्या स्कवाॅयर नाम के निर्माण रोकने के लिए गलत सूचना पर जनहित याचिका दायर करने का आरोप है. याचिकाकी सुनवाई के दौरान कोर्ट ने निर्माण कार्य पर रोक लगा दी थी.बाद में दूसरे पक्ष ने जब कागजात पेश किये तो पता चला की गलत सूचना देकर जनहित याचिका दायर की गयी थी. राजीव कुमार ने याचिका दायर कर कहा था कि बिल्डर गलत निर्माण कर रहा है. बाद में छानबीन किये जाने पर पता चला कि जनहित याचिका में गलत सूचना दी गयी थी.
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस ए अमानुल्लाह की कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई की और राजीव कुमार को जुर्माने की रकम पटना हाइकोर्ट लीगल सर्विस अथार्टी के खाते मेंजमा कराने का आदेश दिया. कोर्ट ने राजीव कुमार के खिलाफ वारंट भी जारी किया है. कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ आरोपित ने सुप्रीम कोर्टमें अपील की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया.
पटना. जहानाबाद के दर्जन भर शिक्षकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जायेगी. इन लोगों पर 2012 में पटना हाइकोर्ट के एक आदेश में छेड़छाड़ कर जहानाबाद जिले में पंचायत शिक्षक के रूप में नियुक्त होने का आरोप है. कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस सुधीर सिंह की कोर्ट में सुनवाई के दौरान शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव आरके महाजन भी उपस्थित थे. कोर्ट ने सभी फर्जी शिक्षकों की पहचान करते हुए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया है. साथ ही इस मामले में जहानाबाद के तत्कालीन जिला शिक्षा पदाधिकारी
के खिलाफ भी कार्रवाई करने का आदेश दिया है. सुनवाई के दौरान यह बात सामने आयी कि 2011 में जहानाबाद के संजय कुमार की याचिका पर सुनवाई करते हुए तत्कालीन जस्टिस जेएन सिंह की कोर्ट ने याचिकाकर्ता को नियुक्त करने का आदेश सरकार को दिया था. इसी आदेश में छेड़छाड़ कर करीब तीस लाेगों ने अपना नाम भी जुड़वा लिया. हालांकि, सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने
इनकी संख्या 12 ही बतायी. फर्जीवाड़े के इस खेल में तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी भी संलिप्त थे.पटना : पटना उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को 1998 में जारी विज्ञापन के आधार पर तीन महीने के भीतर गणित और भौतिकी विषय के शिक्षक नियुक्त करने का आदेश दिया है. जस्टिस नवनीति प्रसाद सिंह और जस्टिस नीलू अग्रवाल की कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई की.
सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि शिक्षा विभाग बहाली करने पर सहमत है. इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजी गयी है. कैबिनेट की मंजूरी के बाद बहाली की जायेगी. कोर्ट ने इस पर तीन महीने की मोहलत देते हुए बहाली प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया.
पटना : हाइकोर्ट ने धान के बदले चावल देने के मामले में घोटाला करनेवाले मिलरों के खिलाफ सख्ती दिखायी है. जस्टिस चक्रधारी शरण सिंह की एकल पीठ ने बुधवार को इस मामले में सुनवाई की और सरकारी राशि को चपत लगानेवाले सभी मिलरों की जांच के लिए सीआइडी को एसआइटी गठित करने का निर्देश दिया.
कोर्ट ने अपराध अनुसंधान विभाग के एडीजी विनय कुमार को एसआइटी जांच की देखरेख की जिम्मेवारी सौंपी है. कोर्ट ने सीआइडी को पहली मार्च, 2017 को जांच की प्रारंभिक रिपोर्ट देने को कहा है. कोर्ट ने कहा कि सभी जिलों में चल रही अलग-अलग जांच अब एक एक ही जगह होगी. कोर्ट को बताया गया कि सभी जिलों में अलग-अलग जांच अधिकारी इसकी तहकीकात कर रहे हैं.
जिससे एक ही जैसे मामले में एकरूपता नहीं आ पा रही. सरकारी वकील ने कहा कि अलग-अलग जिलों में केस दर्ज किया गया है. सभी जिलों में इसके अलग जांच अधिकारी नियुक्त हैं. इसलिए जांच में एकरूपता नहीं आ पायी है. इस पर कोर्ट ने अपराध अनुसंधन विभाग को सभी मामले अपने मातहत लेने और एसआइटी गठित कर जांच आरंभ करने काे कहा.

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