सोमवार तड़के बिहार में सुबह-सवेरे भूकंप के झटके, लोगों में दशहत

काठमांडू/पटना : सोमवार तड़के बिहार पटना, गोपालगंज और पूर्वी चंपारण में भूकंप के झटके महसूस किये गये. रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 5.4 बतायी जा रही है. इसका केंद्र नेपाल बताया जा रहा है. सुबह-सुबह भूकंप के झटके आने से लोगों में दशहत का माहौल बना है. हालांकि, अभी तक भूकंप के इस झटके से […]

काठमांडू/पटना : सोमवार तड़के बिहार पटना, गोपालगंज और पूर्वी चंपारण में भूकंप के झटके महसूस किये गये. रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 5.4 बतायी जा रही है. इसका केंद्र नेपाल बताया जा रहा है. सुबह-सुबह भूकंप के झटके आने से लोगों में दशहत का माहौल बना है. हालांकि, अभी तक भूकंप के इस झटके से जानमाल के नुकसान और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है.

सूचना के अनुसार, सोमवार की सुबह करीब 5 बजकर 8 मिनट पर बिहार में भूकंप के झटके महसूस किये गये. इसका केंद्र नेपाल बताया जा रहा है. रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 5.4 बतायी जा रही है. इसका केंद्र नेपाल के पनौती से 116 किलोमीटर दूर बताया जा रहा है. अहले सुबह भूकंप के झटके महसूस किये जाने के बाद लोगों में दशहत का माहौल बना है. हालांकि, भूकंप के इस झटके से अभी तक बिहार में जानमाल के नुकसान और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है.

नेपाल में सोमवार तड़के भूकंप के झटके महसूस किये गये, जिनकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.5 मापी गयी. पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की इकाई राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने बताया कि भूकंप सुबह पांच बज कर पांच मिनट पर 10 किलोमीटर की गहराई में आया. नेपाल के नेशनल सिस्मोलॉजिकल सेंटर ने बताया कि भूकंप का केंद्र काठमांडू से करीब 150 किलोमीटर पूर्व में हिमालय क्षेत्र के निकट सोलुखुंबु जिले में था. भूकंप की तीव्रता 5.6 मापी गयी. भूकंप पीडित हिमालयी देश में अप्रैल, 2015 में आये भूकंप के बाद से चार से अधिक तीव्रता के 475 झटके महसूस किये हैं. जानमाल के किसी प्रकार के नुकसान की तत्काल कोई रिपोर्ट नहीं है. काठमांडू और मध्य एवं पूर्वी नेपाल के अन्य हिस्सों में भी भूकंप के झटके महसूस किये गये.

बता दें कि इसके पहले बिहार में इसी साल 24 अगस्त, 2016 को भी बिहार में भूकंप के झटके महसूस किये गये थे. उस समय बिहार, बंगाल और असम में एक साथ भूकंप के झटके आए थे. इसका केंद्र म्यांमार बताया गया था. इसके साथ ही इसके अप्रैल, 2015 में भूकंप ने नेपाल में तबाही मचायी थी, जिसका असर बिहार, बंगाल, असम, झारखंड समेत पूरे देश में देखा गया था. नेपाल में 7.9 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप से करीब 1,500 लोगों की मौत हो गई थी और एक यूनेस्को विश्व विरासत स्थल तथा राजधानी में सदियों पुरानी धरहरा मीनार सहित कई प्रमुख इमारतें क्षतिग्रस्त हो गयीं. यह बीते 80 वर्षों का सबसे भयावह भूकंप था.

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