एमसीआइ की टीम ने डॉक्टरों को खूब सुनाई

पटना : मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआइ) की तीन सदस्यीय टीम ने सोमवार को पीएमसीएच अस्पताल और मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया. सुबह नौ बजे से लेकर शाम पांच बजे तक इस टीम ने अस्पताल का हर कोना खंगाला और डॉक्टरों से पूछताछ की. टीम का नेतृत्व नागपुर मेडिकल कॉलेज से प्रोफेसर ऑफ सर्जरी डॉ […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | April 19, 2016 7:35 AM
पटना : मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआइ) की तीन सदस्यीय टीम ने सोमवार को पीएमसीएच अस्पताल और मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया. सुबह नौ बजे से लेकर शाम पांच बजे तक इस टीम ने अस्पताल का हर कोना खंगाला और डॉक्टरों से पूछताछ की.
टीम का नेतृत्व नागपुर मेडिकल कॉलेज से प्रोफेसर ऑफ सर्जरी डॉ एमपी पारचंद्र ने किया. टीम ने पीएमसीएच में ओपीडी, राजेंद्र सर्जिकल ब्लॉक, नया बन रहा डी-एडिक्शन सेंटर समेत कई वार्डों को चेक किया. सभी डिपार्टमेंट में अस्पताल इंफ्रास्ट्रक्चर, मशीनरी, फैकल्टी, बेड की संख्या चेक की. सीनियर प्रोफेसरों से उनका सर्विस रिकॉर्ड पूछा. टीम में कोलकाता से डॉ सुदेव साहा और आंध्र प्रदेश से डॉ वी वसदेरा देवी भी शामिल थी.
टीम पहले पहुंची, प्रोफेसर बाद आये
एमसीआइ की टीम सुबह नौ बजे ही मेडिकल कॉलेज पहुंच गयी थी. अधिकतर स्टाफ तब कॉलेज पहुंचे, जब उन्होंने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी थी. टीम ने पीएमसीएच अस्पताल की ओपीडी और आउटडोर का दौरा किया. टीम के सदस्यों ने कहा कि जो भी कमियां होंगी, उसे फाइनल रिपोर्ट में लिखा दिया जायेगा. मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की सीटों को 150 किये जाने के बाद अब यह चेकिंग इसलिए की गयी है, ताकि इंफ्रास्ट्रक्चर चेक किया जा सके. बायोकेमिस्ट्री, माइक्रोबायोलॉजी, एनाटोमी, स्किन, एनेस्थेसिया और रेडियोथैरेपी जैसे विभागों में स्टाफ की काफी कमी है. हालांकि बिहार सरकार ने उक्त विभागों में पद भरने के तैयारी कर ली है.
एमसीआइ की टीम ने निरीक्षण के दौरान खामियां मिलने पर मौके पर कई डॉक्टरों को खूब खरी-खोटी सुनायी. खासकर टीम एमआरआइ की सुविधा को लेकर काफी नाराज दिखी. वहीं आइएमए के उपाध्यक्ष डॉ सुनील सिंह ने कहा कि एमसीआइ को उदारवादी नीति अपनानी चाहिए, ताकि एमबीबीएस के छात्र और मरीज दोनों का भला हो सके. इधर पीएमसीएच के प्रिंसिपल डॉ एसएन सिन्हा ने बताया कि एमसीएआइ अस्पताल के पक्ष में ही अपना फैसला सुनायेगी, क्योंकि हम लोगों ने कमियां पूरी कर ली हैं.
आइजीआइसी में आॅपरेशन नहीं होने के मामले में सप्ताह भर में मांगा जवाब
पटना : पटना उच्च न्यायालय ने इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान (आइजीआइसी) में कई महीने से बाइपास सर्जरी नहीं होने को गंभीरता से लिया है. सोमवार को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश इकबाल अहमद और जस्टिस समरेंद्र प्रताप सिंह की कोर्ट ने सरकार से एक सप्ताह में जवाब देने को कहा है.
सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि आइसीआइसी को सात करोड़ रुपये उपलब्ध कराये गये हैं. कोर्ट को बताया गया कि आइजीआइसी के लिए नया भवन बनाया गया है. इस भवन में कई नयी मशीनें नहीं लगायी जा सकी हैं, इसलिए आॅपरेशन में देर हो रही है. इस पर कोर्ट ने सप्ताह भर में पूरी रिपोर्ट देने को कहा.