पटना : भाजपा नेता शत्रुघ्न सिन्हा ने जेएनयू मामले पर अपनी पार्टी के रुख के विपरीत आज अलग विचार व्यक्त करते हुए जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार के उस भाषण की प्रशंसा की जो उसने जेल से अपनी रिहायी के बाद दिया था.
सिन्हा ने एक ट्वीट में कहा, माननीय अदालत द्वारा कन्हैया को जमानत :यद्यपि सशर्त: प्रदान करने को लेकर प्रसन्न हूं और खुशी है कि उसे जेल से रिहा कर दिया गया है. उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, उम्मीद करता हूं और प्रार्थना करता हूं कि वह स्वयं को उन सभी से मिले समर्थन के योग्य साबित करेगा जिन्होंने महसूस किया कि उसके साथ गलत हुआ.
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अभिनेता से भाजपा सांसद बने सिन्हा ने पीटीआइ से कहा कि वह छात्र नेता द्वारा जेएनयू में दिये उस भाषण से प्रभावित हुए जो उसने तिहाड़ जेल से अपनी रिहायी के बाद दिया था. पटना साहिब से दूसरी बार भाजपा के लोकसभा सांसद चुने गये सिन्हा ने कहा, जेल से रिहा होने के बाद जब कन्हैया जेएनयू में भाषण दे रहा था तब वह ऊर्जा से ओतप्रोत था और उसकी भावभंगिमा प्रभावी थी. शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि वह कन्हैया के समर्थन में इसलिए बोले क्योंकि उन्होंने युवक को देश के खिलाफ कुछ भी बोलते हुए नहीं देखा और इसलिए भी क्योंकि वह बिहार का रहने वाला है. उन्होंने कहा, बिहार मेरी ताकत और बिहार मेेरी कमजोरी है.
गौरतलब है कि शत्रुघ्न की भाजपा से नाराजगी कई बार सामने आ चुकी है. बिहार चुनाव के दौरान से ही वे पार्टी लाइन से अलग हट कर बयानबाजी करते नजर आए थे. शीर्ष नेतृत्व को वे कई मौकों पर निशाने पर रख चुके हैं. वहीं दूसरी ओर कन्हैया ने रिहाई के बाद कहा है कि उन्हें देश की न्यायपालिका में पूरा भरोसा है और उन्होंने आशा जताई कि न्यायपालिका आरएसएस द्वारा प्रभावित नहीं होगी.
